उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य

रेलवे का एड्स जागरूकता कार्यक्रम, मण्डल रेल प्रबंधक श्रीमती विजयलक्ष्मी कौशिक रही उपस्थित

      लखनऊ । पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मण्डल में आज विश्व एड्स दिवस के अवसर पर मण्डल रेल प्रबंधक श्रीमती विजयलक्ष्मी कौशिक के दिशानिर्देश पर तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 आर.सी.लोहानी के नेतृत्व में मंडल कार्यालय सभागार में एड्स जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
       विश्व एड्स दिवस कार्यक्रम के संयांेजक डा0 कुमार उमेश, अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने एड्स मरीजों की बढती हुयी संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एड्स एक घातक बीमारी है, जिसका कोई इलाज नही है, जानकारी ही इसका बचाव है एवं एड्स के ज्ञान से ही जान बच सकती है । एड्स पर व्याख्यान देते हुये उन्होने बताया कि जब तक एड्स के लक्षण आते है ंतब तक बहुत देरी हो चुकी होती है एवं तब तक यह बीमारी पूरी तरह से जकड़ चुकी होती है । एड्स का सीधा सम्बन्ध क्षय रोग एवं यौन रोग से रहता है, अतः इन रोगो से बचना बहुत जरूरी है एवं यौन रोग होने पर किसी प्रशिक्षित चिकित्सक से शीघ्र इलाज करायें वर्ना एचआईवी इंनफेक्शन से खतरा बढ जाता है एवं एड्स से संबंधित भ्रान्तियों को दूर करते हुये यह बताया कि हाथ मिलाने से, गले लगने से, साथ में कार्य करने से, साथ में खेलने एवं खाना खाने, शौचालय के उपयोग से, मच्छर के काटने से  एचआईवी नहीं फैलता है । एड्स बीमारी प्रभावित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध से, दूषित खून चढाने से व दूषित सुईयों व सिरिंजो के उपयोग से होता है । एड्स की लक्षणों के बारे में बताया कि यह बीमारी गर्भवती महिलाओं से शिशु को फैल सकती है एवं इस बीमारी में कमजोरी आ जाती है, शरीर में गिलटी आ जाती है, जीभ का घाव,  डायरिया, बुखार इत्यादि रहता है, वजन कम होने लगता है एवं यौन रोगो से संबंधित लक्षण के बारे में बताया कि गुप्तांगों पर चकत्ते खुजली फुंसिया इत्यादि हो जाती है और पेशाब में खून एवं स्वेत प्रदर होता हेै।
        डा0 अनामिका ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि संयमित आचार, विचार, आहार, विहार एवं व्यवहार भी अपनाने से एचआईवी/एड्स से भी बचा जा सकता है उन्होंने बचाव हेतु कन्डोम के प्रयोग,  डिस्पोजबल  सिरिंज एवं एचआईवी फ्री ब्लड चढाने की सलाह  दी ।  इस अवसर पर एड्स से संबंधित प्रदर्शनी लगायी गयी ।