राजनीति राष्ट्रीय

क्या वास्तव में राहुल गांधी मानसिक विकलांग हैं ?

Written by Vaarta Desk

भाजपा सहित अखिलेश ने भी उठाए कांग्रेस अध्यक्ष पर सवाल

दिल्ली: राफेल विमानों की खरीद प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में क्लीन चिट दे दी है। राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट के आए फैसले पर केंद्र सरकार के लिए क्लीन चिट माना जा रहा है | इसके बाद से भाजपा पार्टी बेदाग दिख रही है |सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने बाद विपक्षी पार्टी भोखला गयी है कांग्रेस के नेता तरह – तरह के बयान दे रहे है | राफेल मामले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का बयान है कि डील में अनिल अंबानी की कंपनी को 30 हजार करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया गया है। उन्होंने एक बार फिर सरकार से मामले पर जेपीसी के गठन की मांग की और आगे भी ये मुद्दा उठाने का एलान किया।
भाजपा के वरिष्ट नेता ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए,”उन्हें मानसिक विकलांग बताया है”।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि राफेल मामले में विपक्ष पूरी तरह से बेनकाब हुआ है। राहुल गांधी में नेतृत्व क्षमता नहीं है। राहुल देश को डुबा देंगे। ऐसे लोगों को देश की जनता कभी खजाने की चाबी नहीं सौंपेगी।
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार पर हमला बोलाते हुए बोला है कि केंद्र सरकार दावा कर रही है कि उन्हें इस मामले में क्लीन चिट मिल गई है। लेकिन सिब्बल ने कहा कि उन्होंने कोर्ट के फैसले को पढ़ा है और जिसमें सरकार को कोई क्लीन चिट नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसा करके बचकानी हरकत कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने जब राफेल डील की प्राइसिंग की जांच ही नहीं की तो सरकार ऐसा दावा
कैसे कर सकती है।
विपक्ष पार्टी कांग्रेस पहले ही कह चुकी है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में फैसला लेने के लिए उचित फोरम नहीं है। क्योंकि सभी फाइलें यहां खाली ही नहीं जा सकती हैं। सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पास इसका अधिकार नहीं है।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राफेल सौदे पर आए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर प्रतिक्रिया हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सलाह देते हुए एक ट्ववीट किया, “कहा कि जब जेपीसी की मांग की गई थी तो सुप्रीम कोर्ट का जिक्र नहीं किया गया था। पर अब जब कोर्ट ने फैसला दे दिया है तो अगर किसी को निर्णय पर आपत्ति है तो उसे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए”।
दरअसल, कोर्ट का कहना है कि सौदे की पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया है। इस निर्णय को केंद्र सरकार के लिए क्लीन चिट माना जा रहा है।