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रैन बसेरा भी चढ़ा भ्रस्टाचार की भेंट, वसूले जा रहे 150 रुपये प्रति रात्रि

Written by Ashfaq shah

चिकित्सालय प्रशासन है अनजान, प्रशासनिक अक्षमता का जीता जागता है प्रमाण 

गोण्डा। लगातार पड रही इस कडाके की ठडं में प्रदेश सरकार की ओर से दी जा रही अलावा एवं रैन बसेरा जेसी जनउपयोगी सुविधा भी अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ चुकी हे। उपलबध करायी जा रही रैन बसेरे की सुविधा के लिए पहचान के साथ ही रूप्यों की भी मांग किये जाने की शर्मनाक घटना भी प्रकाश मे ंआयी हैं। ंहैरानी तो इस बात की है कि तीमारदारों से वसूली जा रही इस रकम को कौन ले रहा है इसकी भनक भी अस्पताल प्रशासन को नही लग पा रही है।


घटना जिला चिकित्सालय स्थित बने रैन बसेरा मे ंरात्रि विश्राम से जुडी हुयी है। जिसके लिए आधार कार्ड एवं डेढ सौ रूप्ये की मांग जरूरत मंद से रात्रि विश्राम के लिए की गयी।

घटना नववर्ष की पूर्व संध्या पर रात्रि करीब ग्यारह बजे की है जिला चिकित्सालय स्थित सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज राघवराम के परिजनों मे से एक व्यक्ति ने बताया कि ठडं मे ंघर से बिना किसी तैयारी के वह यहां आ गया था और रात्रि हो जाने के कारण घर नही जा सका। उसे यह मालूम हुआ कि चिक्तिसालय में ही पांच बेडों को रैन बसेरा शासन द्वारा ठडं में उपलब्ध है। जब में वहां पहुचा तो वहां उसकी देखभाल कर रहे एक व्यक्ति से पूछने पर उसने बताया कि यहां रात्रि विश्राम के लिए एक आधार कार्ड एवं 150 रूप्ये धरोहर के रूप में जमा करना होगा जिसमें से सुबह आधार कार्ड और सौ रूप्ये वापस कर दिया जायेगा। आधार व पैसों की बात सुनकर हैरान रह गया चूकिं उसके पास न तो आधार था और न ही रूप्ये और वह वापस इस भीषण ठडं में आपातकालीन द्वार के समीप जल रहे अलाव पर खडा होकर रात्रि व्यतीत करने का प्रयत्न करने लगा।

सरकार द्वारा मुफत में अलाव व रैन वसेरे की उपलब्ध करायी जा रही इस सुविधा को जिला चिकित्सालय पलीता लगाने में लगा हुआ है। ऐसी महत्वूर्ण जनउपयोगी सुविधा भी भ्रष्टाचारियों की गिरफत मे ंआना प्रारम्भ हो चुकी है।

इस गम्भीर समस्या पर जिला चिकित्सालय सीएमएस डा0 वीरपाल सिंह से जब बात की गयी तो उन्होनें हैरानी जताते हुए आश्चर्य चकित शब्दों में बताया कि सरकार की ओर से यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध है। रैन बसेरें में रहने वाले लोगों को यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध करायी जा रही है। यहां विश्राम करने वाले लोगों के लिए सुरक्षा की दृष्टि से उनसे भर्ती मरीज की पहचान वार्ड के नर्स द्वारा एवं पहचान पत्र की मांग की जाती है। किन्तु विशेश परिस्थितियो के समय इसकी भी कोई आवश्यकता नहीं होती। ऐसा सिर्फ रैन बसेरे के अन्दर रखे गये उपकरणों एवं सामानों की सुरक्षा हेतु प्रयास स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है। सुविधा बिना शतों के भी निशुल्क उपलब्ध है उन्होनें इसके लिए किसी भी प्रकार के शुल्क के लिए जाने की बात को नकारा। वे बोले की यदि किसी कर्मचारी ने इस तरह पैसों की बेजा मांग की है तो वह गलत है। उस कर्मचारी की पहचान कर उसे अवश्य दंडित किया जायेगा। उन्होनें यह भी बताया ि कइस सम्बधं मे उन्हें अभी तक कोई शिकायती पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।

नववर्ष की पूर्व संध्या पर रात्रि लगभग ग्यारह बजे मरीज के परिवार वालों के साथ इस भीषण ठढं में चिकित्सालय कर्मियों द्वारा किया गया यह बर्ताव बहुत ही शर्मनाक है जिससे भं्रष्टाचार की बू आ रही है। देखना यह है कि मानवता को शर्मसार करती इस घटना के परिप्रेक्ष्य में मुख्य चिकित्साधीक्षक जिला चिकित्सालय क्या कार्यवाही करते है।