अपराध राष्ट्रीय लाइफस्टाइल

तो क्या वास्तव में दर्ज होगी चीनी प्रबंधन पर प्रथम सूचना रिपोर्ट या फिर मंडलायुक्त का ये दावा भी साबित होगा ढपोरशंखी

14 फरवरी तक गन्ना किसानों का भुगतान न हुआ तो दर्ज होगी एफआईआर- मण्डलायुक्त
 
मण्डलायुक्त व संयुक्त प्रबन्ध निदेशक ने गन्ना अधिकारियों तथा मिल प्रबन्धकों के साथ की बैठक 
देवीपाटन मंडल (गोंडा) गन्ना किसानों का गन्ना भुगतान कराने तथा गन्ना किसानों की अन्य समस्याओं के निराकरण के  लिए वैसे तो समय समय पर शासन विभिन्न प्रकार के दावे करता रहता है जिसमे मिल मालिकों पर कार्यवाई की भी बात शामिल रहती है परन्तु अभी तक शासन के इस तरह के विभिन्न दावे ढपोरशंखी ही साबित हुए है ! कुछ इसी तरह की नीति का अनुसरण करते हुए आयुक्त देवीपाटन मण्डल सुधेश कुमार ओझा तथा देवीपाटन मण्डल के नोडल अधिकारी/ संयुक्त प्रबन्ध निदेशक उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स आर0पी0 सिंह ने आयुक्त सभागार में मण्डल के गन्ना अधिकारियों तथा चीनी मिलोें के महाप्रबन्धकों के साथ बैठक कर समीक्षा करते हुए मिल प्रबंधन पर प्राथमिकी दर्ज कराने की बात एक बार फिर की है।
बैठक में आयुक्त व संयुक्त प्रबन्ध निदेशक ने चीनी मिलों के महाप्रबन्धकों को क्लियर अल्टीमेटम देते हुए कहा कि आगामी 14 फरवरी तक किसानों का पिछला भुगतान शत-प्रतिशत न करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। आयुक्त ने कहा कि सरकार किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए अत्यन्त संवेदनशील है। अब तक सरकार द्वारा गन्ना किसानों का भुगतान करने के लिए मण्डल की दस चीनी मिलों को अनुदान के रूप में 863.76 लाख रूपए की धनराशि दी जा चुकी है जिसमें बलरामपुर चीनी मिल को 139.76 लाख, तुलसीपुर को 66 लाख, इटईमैदा को 91 लाख, मनकापुर दतौली को 87 लाख, कुन्दरखी बजाज को 168 लाख, मैजापुर को 36 लाख, चिलवरिया को 63 लाख, जरवल को 14 लाख तथा नानपारा चीनी मिल को 170 लाख अनुदान दिया जा चुका है जिसे मिलों द्वारा किसानों के भुगतान के रूप में दिया गया है। संयुक्त प्रबन्ध निदेशक ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान की लगातार मानीटरिंग शासन स्तर पर की जा रही है इसलिए गन्ना किसानों का गन्ना भुगतान करने के लिए सरकार द्वारा दी गई अनुदान राशि यदि किसी भी चीनी द्वारा रोकी गई तो निश्चित ही कठोर कार्यवाही होगी। उन्होने कहा कि ऋण का पैसा तत्काल किसानों के खातों में ट्रान्सफर करें। समीक्षा में ज्ञात हुआ कि पिछले वर्ष का भुगतान न करने वाली चीनी मिल बजाज कुन्दरखी का 34 करोड़ रूपए, ईटईमैदा का 20 तथा चिलवरिया का 28 करोड़ अभी बकाया है। आयुक्त ने कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि 14 फरवरी तक शत-प्रतिशत भुगतान कर दें तथा सभी जिलों के गन्ना अधिकारी गन्ना मूल्य भुगतान की साप्ताहिक रिपोर्ट सीधे उन्हेें दें। नए पेराई सत्र का पाक्षिक भुगतान हर हाल में करते रहने के निर्देश सभी मिलों के जीएम को दिये गए हैं। पेराई की समीक्षा में ज्ञात हुआ कि इस वर्ष विगत वर्ष की अपेक्षा पूरे दीपाटन मण्डल में अधिक गन्ना खरीद व पेराई हुई है। अब तक पूरे देवीपाटन मण्डल में तीन करोड़ चैंसठ लाख कुन्टल गन्ने की खरीद व पेराई की जा चुकी है। गन्ना समितियों के अध्यक्षों द्वारा पर्ची न आने व डाटा फीडिंग में गड़बड़ी की शिकायत की गई जिस पर आयुक्त व संयुक्त प्रबन्ध निदेशक ने सभी जिला गन्ना अधिकारियोें को कड़े निर्देश दिए।
अब देखना यह है की क्या मंडलायुक्त की यह चेतावनी फिर ढपोरशंखी ही साबित होती है या फिर हमारे अन्नदाता की इस गंभीर समस्या पर वास्तविक चिंता करते हुए मिल प्रबंधन पर ऍफ़ आई आर दर्ज करा एक नया सन्देश देते हुए अन्नदाताओं को बड़ी राहत दिलाएंगे !
बैठक में उप गन्ना आयुक्त देवीपाटन अमर सिंह, जिला गन्ना अधिकारी गोण्डा ओ0पी0 सिंह, जिला गन्ना अधिकारी बहराइच व बलरामपुर, सभी चीनी मिलों के महाप्रबन्धक, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक, गन्ना समितियों के चेयरमैन व सेक्रेरटरी तथा किसान मौजूद रहे।