उत्तर प्रदेश गोंडा स्वास्थ्य

मेडिकल कॉलेज की उठी मांग, 5 फरवरी को होगा बड़ा आंदोलन

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को दिलाया जाएगा उनका वादा याद

गोण्डा।  जिले में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था एवं निजी चिकित्सालयों में हो रही धन उगाही के कारण गोंडा जिले की जनता त्रस्त हैं। पैसे के अभाव में कई बार सही इलाज न हो पाने के कारण मरीज की मौत हो जाती है। अत्यधिक गंभीर केस में लखनऊ रिफर कर दिया जाता है जिससे मरीजों को 120 km का सफर तय करना पड़ता है। जिससे रास्ते में बहुत कठिनाईयां होती है। मई 2018 में गोण्डा के वनटांगिया गांव में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री द्वारा खुले मंच से गोण्डा जिले में मेडिकल कॉलेज बनवाने का ऐलान किया गया लेकिन कैबिनेट मीटिंग में गोंडा में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को सिद्धार्थ नगर जिले में बनवाने की मंजूरी दे दी गई। यह गोन्डा जिले का दुर्भाग्य है कि 7 भाजपा विधायक व  सांसद, कैबिनेट मंत्री होते हुए भी किसी के द्वारा यह प्रयास नहीं किया गया कि जिले में मेडिकल कॉलेज बनें। गोंडा के नेताओं की चुप्पी के कारण प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थ नगर जिले को दे दिया गया।
      युवा समाजसेवी अभिषेक तिवारी ने बताया कि 5 फरवरी को गोंडा की जनता के द्वारा इन नेताओं को जगाने एवं मुख्यमंत्री को उनका वादा याद दिलाने के लिए एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिससे चुनाव से पहले गोंडा जिले में मेडिकल कॉलेज बनवाने की लिखित मांग की जाएगी। इस आंदोलन में सैकड़ों की संख्या में युवा ,महिलाएं, छात्र व कई गैर राजनीतिक संगठन एवं संस्थाएं व सामाजिक संगठन भी  सम्मिलित होंगे। इस क्रम में विनय यादव व शोयब अख्तर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर 3 फरवरी से जनपद में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा जिससे कि सरकार को जनपद के नागरिकों की समस्यायों की तरफ ध्यान आकर्षित कराया जा सके। छात्र नेता मेराज अहमद ने बताया कि इस विषय को लेकर आने वाली 2 फरवरी को चौधरी चरण सिंह गेस्ट हाउस पर एक प्रेसवार्ता की जाएगी जिसमें की कई छात्र नेता, युवा समाजसेवी व जनपद के संभ्रांत वर्ग के लोग मौजूद रहेंगे।