अपराध उत्तर प्रदेश गोंडा

ग़ज़ब : हत्या के प्रयास और लूट जैसे मामलों से भी अनजान रहती है गोंडा पुलिस

Written by Ashfaq shah

गोंडा पुलिस बढ़ा रही अपराधियों का मनोबल, घटना घटित होने का करती है इंतज़ार

गोण्डा। थाना कोतवाली देहात के बालपुर जाट गांव निवासी एक दुकानदार पर स्थानीय दबंगों ने हमला कर घायल कर दिया और लगभग आधे लाख रूप्ये की लूट कर फरार हो गये। हैरानी तो यह है कि इतनी बडी घटना की सूचना से ही पुलिस इन्कार कर रही है। वहीं हमले में घायल दुकानदार को गम्भीर अवस्था में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है।
घटना रविवार की सुबह लगभग साढे बारह बजे की है जब बालपुर जाट निवासी प्रदीप कुमार शुक्ल पुत्र नकछेद प्रसाद अपने पैतालिस हजार रूप्ये लेकर ड्ाइवर को देने जा रहा था कि अचानक तिवारी पुरवा बालपुर जाट गांव के ही रहने वाले शिवकुमार तिवारी अपने तीन चार अन्य अज्ञात साथियों के साथ वहा आ धमका और अचानक प्रदीप के सर और पैर मे ंवार कर बुरी तरह घायल कर दिया और उसकी जेब मे रखे हुए रूप्ये लेकर फरार हो गया।

जिला अस्पताल में भर्ती प्रदीप ने बताया कि आरोपी दबंग और शातिर किस्म के लोग हैं वे उससे काफी समय से हर माह रंगदारी की मांग कर रहे हैं न देने पर जान से मार डालने की धमकी भी देते रहे हैं। इसके बारे में उसने कुछ दिन पहले थाने में सूचना भी दी थी किन्तु पुलिस ने आश्वासन देते हुए कहा था कि जब तुम्हारे साथ कोई घटना घटे तो हमे बता देना।

सूचना पर शिकायत दर्ज न कर सिर्फ आश्वासन का डोज देकर पुलिस ने आंख बन्द कर ली जिसका नतीजा यह रहा कि कुछ दिन बाद ही प्रदीप पर जानलेवा हमला तो हुआ ही उसके पैतालिस हजार रूप्ये भी छीन लिये गये। घटना के बारे में पुलिस से शिकायत दर्ज कराने की बात पर प्रदीप ने कहा कि वह बुरी तरह से घायल था परिजन उसे लेकर किसी तरह चिकित्सासल पहुचें है, ज्यादा चोट लग जाने के कारण वह थाने जाने मे ंअसमर्थ था। परिजन थाने शिकायत करने के लिए गये हुए हैं। इस बारे में जब कोतवाल देहात से सम्पर्क किया गया तो उन्होनें बताया कि इस घटना के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहींं है घटना से इन्कार करते हुए उन्होनें यह भी कहा कि न ही परिजन इसकी शिकातय लेकर उनके पास आये हैं।

हास्यास्पद यह है कि दोपहर लगभग बारह बजे घटी यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुयी है लगभग डेढ बजे भर्ती कराये गये प्रदीप के परिजन भी दो बजे के बाद थाने पर शिकायत दर्ज कराने जा चुके थे किन्तु जब रात्रि लगभग साढे आठ बजे देहात कोतवाल से सम्पर्क कर जानने का प्रयास किया गया तो उन्होनें घटना से ही पूरी तरह इन्कार कर दिया जबकि घायल का कहना है कि परिजन शिकायत करने के लिए थाने गये थे।