अज़ब ग़ज़ब अपराध तमिलनाडु

आखिर क्यों छाननी पड़ी आयकर अधिकारीयों को कब्रिस्तान की ख़ाक

चेन्नई (तमिलनाडु)। कालेधन का पता लगाने ओैर उस पर कार्यवाही के लिए आयकर विभाग द्वारा धनकूबेरों के कार्यालयों, आवासों व अन्य ठिकानो पर छापे की कार्यवाही की खबरों को आपने अनेकों बार सुना और देखा होगा परन्तु आयकर विभाग के अधिकारियों को कालेधन का पता लगाने के लिए किसी कब्रिस्तान की भी खाक छाननी पडी हो शायद आपने आज से पहले कभी भी नहीं सुनी होगी।
जी हां आज हम आपकों एक ऐसी ही कहानी से रूबरू करा रहे हें जिसमें आयकर अधिकारियों को कालेधन का पता लगाने के लिए कब्रिस्तान की भी सैर करनी पडी।

प्रकरण प्रदेश की राजधानी चेन्नई का है जहां बीते दिनों एक साथ तीन कम्पनियों पर एक साथ पडे छापे के दौरान कुछ फिल्मी अंदाज में घटनाक्रम देखने को मिला। विगत माह के अन्त में आयकर अधिकारियों द्वारा डाले जाने वाले छापे की जानकारी लीक हो जाने से सतर्क हुए काले धन कुबेर जिसमें तमिलनाडू के प्रमुख सवर्णा स्टोर, लोटस गृप् व जी स्कावयर के लगभग छह दर्जन आफिसों ने अपने काले धन को छुपाने के लिए अपने नकदी हीरे व जवाहरातों को एक कब्रिस्तान में छुपाने का कार्य किया।

ज्ञात हो ि कइस छापे में जब आयकर अधिकारियों को कुछ नहीं मिला तो उनका माथा ठनका, जानकारी करने पर उन्हें पता चला कि एक चेन्नई की सडक पर एक लक्सरी कार काफी देर से लगातार दौडी जा रही है जिसमें इन कम्पनियों कें माल असबाब हैं। आयकर अधिकारियों ने आनन फानन में उस कार को हिरासत में ले ड्ाइवर पर जब सख्ती की तो पता चला कि सारा माल एक कब्रिस्तान में छुपाया गया है। ड्ाइवर की निशानदेही पर जब उक्त कब्रिस्तान में खुदाई की गयी तो कइ्र बोरों में छुपाया गया कालाधन सामने आ गया जिसमें लगभग 25 करोड रूप्ये नगदी, 12 किलों सोना और 626 कैरेट के हीरे की बरामदगी हुयी आयकर अधिकारियों के मुताबिक इन सभी सम्पत्तिं की कीमत लगभग 433 करोड रूप्यें आकी जा रही है। इतना ही नहीं अधिकारियो ंने अपने कब्जे में लिए गये कम्प्यूटर जिसमें से डाटा का मिटाया गया था उसका डाटा वापस लाने के लिए आई प्रोफेशनलों की भी सहायता ले रही है जिसमें से और भी कई जानकारियों के मालूम होने की आशंका जताई जा रही है।

ज्ञात हो कि इन सभी कम्पनियों के मालिकों ने हाल ही में चेन्नई में लगभग 200 करोड की प्रापर्टी की खरीद की है वो भी नगद भुगतान पर।