अपराध उत्तर प्रदेश गोंडा लाइफस्टाइल

“मुफ्त का लाभ चाहिए लेकिन 500 रूप्ये देने में नानी मर रही है” भ्रष्ट लेखपाल ने की गरीब किसान से अभद्रता

प्रधानमंत्री सम्मान निधि में सामने आया भ्रस्टाचार का मामला

गोण्डा। ‘‘मुफ्त का लाभ चाहिए लेकिन 500 रूप्ये देने में नानी मर रही है’’ जी हां यह कथन क्षेत्र के लेखपाल का है प्रधानमंत्री सम्मान निधि के पात्र किसानों को योजना का लाभ देने के लिए तैनात किये गये लेखपाल द्वारा इन्ही शब्दों का प्रयोग कर गरीब किसानों द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रपत्रों को फेंक दिया गया, पीडित किसान द्वारा लेखपाल के भ्रष्ट आचरण की शिकायत जिलाधिकारी से की गयी है, देखना है कि प्रधानमत्रींं नरेन्द्र मोदी के स्वप्निल योजना प्रधानमंत्री सम्मान निधि पर लग रहे भ्रष्टाचार के इस दीमक को प्रशासन कितनी गम्भीरता से लेता है और ऐसे कर्मचारियों पर क्या कार्यवाही करता है।

प्रकरण जनपद के ग्राम पंढरी सविता सहजनवा का है जहां के निवासी पंकज दीक्षित ने जिलाधिकारी को दिये गये शिकायती पत्र के माध्यम से अवगत कराया हे कि उनके दादा बंशीधर दीक्षित जिनके पास दो बीधे से भी कम कृषि योग्य भूमि है, केन्द्र सरकार की महती येजना प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के अर्न्तगत उनके दादा की पात्रता पूरी तरह जायज है, योजना के लाभ हेतु डाटा फीडिंग कार्य के लिए लेखपाल महादेव शुक्ल को प्रशासन द्वारा अधिकृत किया गया है, लेखपाल से जब येजना हेतु सम्पर्क किया गया तो उसने 500 रूप्ये बतौर सुविधा शुल्क की मांग की जिस पर प्रार्थी के दादा ने लेखपाल को 300 रूप्ये तथा खतौनी, पासबुक और आधारकार्ड लेखपा को उपलब्ध कराये। 500 की जगह 300 रूप्ये देखते ही लेखपाल आगबबुला हो गये और अपश्ब्दों को प्रयोग करते हुए कहा कि ‘‘मुफ्त का सारा लाभ तो चाहिए परन्तु 500 रूप्ये देते हुए नानी मर रही है’’ लेखपाल ने उक्त अशोभनीय शब्दों का प्रयोग करते हुए रूप्ये सहित प्रपत्रो को लेने के इन्कार कर दिया और चले गये।

जिलाधिकारी से हुयी लिखित शिकायत पर जहां पीडित ने लेखपाल की भूमिका की जाचं कराते हुए विभागीय कार्यवाही सहित लेखपाल पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है। वहीं इस बावत जब आरोपी लेखपाल से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होनें फोन उठाना भी मुनासिब नहींं समझा जिससे इस बात की संभावना और बलवती होती है कि पीडित की शिकातय पूरी तरह सत्य और विश्वसनीय है।