उत्तर प्रदेश गोंडा लाइफस्टाइल व्यवसाय

85 क्रय केन्द्रों का निर्धारण, 01 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं खरीद 

डीएम ने केन्द्र प्रभारियों के साथ बैठक कर दी चेतावनी, शिकायत मिली तो होेगें निलम्बित
गोंडा ! रबी विपणन वर्ष 2019-20 में मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहूं खरीद के लिए जिलाधिकारी डा0 नितिन बंसल द्वारा जिले में कुल 85 क्रय केन्द्रों का निर्धारण किया गया है। तैयारियों की समीक्षा डीएम ने कलेक्ट्रेट हाल में की जिसमें उन्होने केन्द्र प्रभारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी दशा में सभी क्रय केन्द्र 01 अप्रैल से चालू हो जाएं।
बताते वलें कि जिलाधिकारी द्वारा जिले में गेहू खरीद के लिए पांच संस्थाओं के कुल 85 क्रय केन्द्र बनाए गए हैं जिसमें खाद्व विभाग के 16, पीसीएफ के 38, यूपी स्टेट एग्रो के 01, पीसीयू 29 तथा भारतीय खाद्य निगम का 01 क्रय केन्द्र शामिल है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी क्रय केन्द्रों पर 01 अप्रैल से गेहूं की खरीद चालू हो जाएगी तथा 15 जून तक खरीद की जाएगी। उन्होने सभी केन्द्र प्रभारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि वे सब युद्ध स्तर पर मानक के अनुसार क्रय केन्द्रों पर तैयारियां पूरी कर लें तथा बांट माप विभाग के अधिकारी सभी क्रय केन्द्रों का निरीक्षण कर कांटा सत्यापित करते हहुए प्रमाणपत्र जारी करें। उन्होने निर्देश दिए की शासन की मंशानुसार बोरों की सिलाई लाल रंग के धागे से तथा बोरों पर छपाई भी लाल रंग की स्याही से होगी तथा मशीन से ही सिली गई बोरियों को भारतीय खाद्य निगम के गोदामों पर स्वीकार किया जाएगा। उन्होने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी किसानों के खाते में तीन दिन के अन्दर उसके गेहूं का मूल्य पहुंच जाना चाहिए। इसके अलावा केन्द्रों पर आने वाले किसानों को तौल के बाद  हर हााल में उनकी तौल की सम्पूर्ण विवरण सहित पर्ची अनिवार्य रूप से दी जाएगी। उन्होने कहा कि यदि किसी भी केन्द्र प्रभारी द्वारा किसान को पर्ची नहीं दिए जाने की शिकायत आएगी तो सीधे निलम्बन की कार्यवाही की जाएगी। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि किसानों को क्रय केन्द्र पर कम्प्यूटराइज्ड खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र  तथा बैंक पास बुक की छाया प्रति अनिवार्य रूप से लाना होगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र, नगर मजिस्ट्रेट राकेश सिसंह, सम्भागीय खाद्य नियंत्रक देवीपाटन मण्डल, जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव, डिप्टी आरएमओ तथा क्रय केन्द्रों के प्रभारीगण उपस्थित रहे।