अज़ब ग़ज़ब अपराध उत्तराखण्ड

मात्र बिस्कुट चोरी की मिल सकती है इतनी बडी सजा, सुनकर उड जायेगें होश

सीनियर छात्रो ंने की पीट पीट कर हत्या, स्कूल प्रबंधन ने परिसर में ही किया दफन

पुलिस की भी भूमिका रही संदिग्ध

भोगपुर उत्तराखंड। एक बिस्कुट के पैकेट की चोरी की किसी को इतनी बडी सजा मिल सकती है किसी ने सोचा भी नहीं होगा, हद तो तब हो गयी जब विद्यालय प्रबध्ंान ने मामले को दबाते हुए पहले तो परिजनों को वास्तविकता से अवगत नहीं कराया और पुलिस से मिली भगत कर छात्र के शव को स्कूल परिसर में ही दफन कर दिया।

प्रकरण क्षेत्र के एक मिशनरी स्कूल चिल्ड्ेन होम एकाडमी का है जहां सातवी कक्षा के छात्र वासू यादव को उसके ही विद्यालय के दो सीनियर छात्रो ंने इस लिए पीट पीट कर मार डाला कि उसने एक दुकान से बिस्कुट का पैकेट चोरी कर लिया था जिसकी शिकायत स्कूल प्रबंधन से होने पर प्रबध्ंान ने छात्रों के हास्टल से निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

घटना विगत 10 मार्च की है जब मृत वासू के साथ अन्य बच्चे हास्टल से चर्च जा रहे थे, रास्ते में एक दुकान से सामान खरीदने के समय वासू ने दुकान से एक बिस्कुट का पैकेट चोरी कर लिया, दुकानदार की शिकायत पर विद्यालय प्रबध्ंान ने बच्चों के हास्टल से बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया। यह प्रतिबंध विद्यालय मे ंपढने वाले दो सीनियर छात्र 19 वर्षीय लक्ष्मण और शुभंकर को इतना नगवार गुजरा कि उन्होनें मासूम वासू पर किक्रेट के बल्ले और विकेट से मार मार कर मौत की नींद सुला दी, इतना ही नहीं मारपीट के दौरान सीनियर छात्रों ने वासू केा गन्दा पानी भी पीने को विवश किया। अधमरे हो चुके वासू को लक्ष्मण और शुभंकर खाने के कमरे तक भी लेकर आये और उसे खाना खाने को विवश भी किया, खाने के दौरान भी दोनों की हैवानियत जारी रही, अधमरे हो चुके वासू को दोनों छोड कर फरार हो गये।

हैरानी तो इस बात की रही कि लगभग चार घंटे तक चले इस हैवानियत की खबर विद्यालय प्रबंधन को लगी ही नही, जब लगी तो फूड प्वाजनिंग का झूठी बात बता वासू को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहंा उसकी मौत हो गयी।

अब बात करते है पुलिस की संदिग्ध भूमिका की तो उन्होनें भी मामले को दबाने में विद्यालय प्रबध्ंान का साथ देते हुए मृत वासू के शरीर को उसके परिजनों को न सौंप कर विद्यालय प्रबध्ंान को सौप दिया जिन्होनें बिना परिजनों की अनुमति के लाश को विद्यालय परिसर में ही दफन कर दिया।

मामला तब उजागर हुआ जब कुछ सीनियर छात्रो ंने किसी तरह छुप छुपाकर मीडियाकर्मियों को घटना की जानकारी दी, मीडियाकर्मियों और बाल संरक्षण आयोग के हरकत में आने पर मामले की तहकीकात आरम्भ हुयी। बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्षा उषा नेगी ने मामले को प्राथमिकता से लेते हुए 14 मार्च को विद्यालय का औचक निरीक्षण किया जिसमें वहां की अव्यवस्थाये और वासू की मौत के कारणो ंपर संतोषजनक जवाब न मिलता देख रानीपोखरी पुलिस को मामाले को गम्भीरता से देखने की हिदायत दी। श्रीमती नेगी की इस हिदायत पर मूकदर्शक और विद्यालय प्रबध्ंान की हिमायती बनी पुलिस हरकत में आयी और वासू यादव के हत्यारोपियोें को हिरासत में लिया।