उत्तर प्रदेश गोंडा राजनीति लाइफस्टाइल

आखिर क्यों लगा इस गांव में नेताओं के प्रवेश पर प्रतिबन्ध

मूलभूत सुविधाओं से वंचित है लाला पुरवा के सैकड़ों ग्रामवासी 

यक्ष प्रश्न: क्या होगी जिम्मेदारों पर कठोर कार्यवाही 

कर्नेलगंज (गोण्डा ) ! एक गांव के ग्रामीणों ने गांव में राजनैतिक दलों व किसी भी राजनैतिक दल के प्रत्याशी के इंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है और एक स्वर में आवाज़ बुलंद करते हुए कह दिया कि हमारी मांगों को पूरी किये बिना किसी भी प्रत्याशी या नेता को गांव में घुसने नही देंगे और अगर आता है तो मारकर भगा देंगे।

ग्रामीणों का यह गुस्सा यूपी के गोण्डा से देखने को मिला है जंहा कर्नलगंज तहसील के लालापुरवा के ग्रामीणों ने चुनाव में वोट डालने न देने की बात कही है और अपने गांव में सभी प्रत्याशियों की एंट्री बैन कर दी है …. ग्रामीणों की मांग सिर्फ इतनी सी है कि उन्हें गांव में वह सारी मूलभूत सुविधाएं चाहिए जो सरकार जन प्रतिनिधियों के माध्यम से गांव तक पंहुचाती है।

कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाला यह गांव लालापुरवा मुख्यालय से तो लगभग 30 किलोमीटर दूर है लेकिन तहसील कर्नलगंज से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है …. इतनी कम दूरी और लखनऊ – गोण्डा के मुख्य मार्ग पर स्थित यह गांव आज भी अपनी मूलभूत सुविधाओं जैसे बिजली, सड़क, पानी, आवास, शौचालय आदि के लिए तरस रहा है। यंहा की कलावती का कहना है कि हमारे यंहा तो बहुत समस्या है …. न खड़ंजा, न नाली, न कालोनी, न पेंशन …. पन्नी लगाकर घर मे रहते है और पानी बरसता हो टपकता है …. न तो प्रधान सुनते हैं और न ही नेता – विधायक – सांसद। इस तरह की समस्याएं यंहा के तो कई ग्रामीणों ने बताई लेकिन राम सेवक ने जो बताया वो चौंकाने वाला था …. ग्रामीण राम सेवक सेवक ने कहा हम पूरे गांव के लोग सुखी रोटी खाएंगे लेकिन वोट छोड़ने नही जाएंगे …. राम सेवक ने यह भी कहा कि हमारे यंहा न तो घर है, न नाली है, न खड़ंजा, यंहा सब आते हैं और बेफकूफ बनाकर वोट ले जाते है …. हम लोग वोट नही देंगे किसी को …. जब तक हमारे गांव में विकास कार्य नही होगा हम किसी को वोट नही देंगे।

जंहा गांव में बने छप्पर और घास – फूस के घर इस बात की गवाही दे रहे हैं कि समय – समय पर रहे जन प्रतिनिधियों ने यंहा पर सरकार की योजनाओं को कितना पंहुचाया है तो वंही दूरी तरफ पूरे गांव में फैले बिना तार के खम्भे खुद अपनी दास्तां बयां कर रहे है …. दरसल ये खम्भे इस गांव को रोशन करने के लिए दो साल पहले लगा दिए गए …. लेकिन तब से आज तक यंहा के ग्रामीणों को न तो तार मिला, न मीटर मिला और न ही इनके घटों में रोशनी हुई अगर कुछ मिला तो सिर्फ शो पीस बने ये खम्भे। यह गांव लालापुरवा लोकसभा क्षेत्र कैसरगंज में पड़ता है और यंहा से सांसद हैं बीजेपी के बृज भूषण शरण सिंह। सांसद बृज भूषण कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ ही बाहुबली सांसद के रूप में जाने जाते है और इस बार बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने भरोसा जताते हुए एक बार फिर यंहा से इनको अपना प्रत्याशी बनाया है। जंहा ग्रामीणों का गुस्सा इतना है कि वो बाकायदा तख्ती लेकर विरोध प्रदर्शन कर मतदान में भाग न लेने की बात बताते हुए कह रहे हैं कि हमारे गांव के किसी भी प्रत्याशी की एंटी बैन है तो साफ तौर कहा जा सकता है कि सांसद जी ने अपने क्षेत्र में कितना कार्य किया होगा और सरकार की योजनाओं को धरातल पर जनता के बीच कितना परोसा होगा !

एक तरफ जंहा चुनाव आयोग मतदान प्रतिशत को बढ़ाने की लाख कोशिशें कर रहा है और तरह – तरह की रैलियों व प्रदर्शनी के माध्यम से मतदाता को जागरूक कर रहा है तो वंही लगातार गावों से मतदान के बहिष्कार की खबरों ने चुनाव आयोग व सरकार की चिंता बढ़ा दी है। राष्ट्र के निर्माण से जुड़े इस बेहद ही संवेदनशील मामले पर जब एसडीएम कर्नलगंज से बात की गई तो उन्होने बताया कि मामले को सज्ञान में लेते हुए आक्रोशित लोगो की समस्याओं के समाधान के प्रयास के साथ उन्हें मतदान के लिए तैयार कर लिया गया है ! उनकी जो भी समस्या है उसका अतिशीघ्र पूरी तरह निदान किया जाएगा !

हालांकि सौ टके का यह सवाल अभी भी बना हुआ है की समय से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ क्यों नहीं दिया गया और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारीयों और कर्मचारियों पर क्यों न ऍफ़ आई आर दर्ज कराते हुए विभागीय कार्यवाही किया जाए