उत्तर प्रदेश गोंडा राजनीति

समाजवादियों ने सार्वजानिक की माया के प्रति अपनी नफरत

डिम्पल के पैर छूने को शिवपाल ने बताया खानदान का सम्मान मिटटी में मिलाना

गोण्डा ! आज प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के एक कार्यक्रम में पहुचे शिवपाल यादव ने बुआ – बबुआ पर जमकर हमला बोला …. उन्होंने कहा कि न नेताजी ने मायावती को बहन बनाया और न ही मैंने, तो वह बुआ कैसे हो गई …. अखिलेश ने केवल मेरा ही अपमान नहीं किया, उन्होंने नेता जी (मुलायम सिंह यादव) का भी अपमान किया …. जिसने समाजवादी पार्टी को गुण्डों की पार्टी कहा, उससे समझौता कर लिया, एक रात में मुझ पर 11 मुकदमे तथा नेता जी पर 154 मुकदमे लिखवाए गए, उससे जाकर समझौता कर लिया। डिम्पल मायावती के पैरों में गिर गई …. जबकि मेरे पास आकर केवल यही कहते, चलो चाचा वापस घर चलो तो क्या बिगड़ जाता …. लेकिन अपनों से ज्यादा मायावती के पैर अनमोल हैं …. डिम्पल ने कुर्सी के खातिर खानदान का सम्मान मिट्टी में मिला दिया। शिवपाल का जुबानी हमला यंही नही रुका …. आगे कहा कि आज सपा के मुखिया 38 सीटें बसपा को देकर खुद 35 पर लड़कर खुद को समाजवादी कह रहे हैं। मैने भी बिना किसी सीट के गठबंधन में शामिल होने की बात कही, किन्तु अखिलेश ने वह भी मना कर दिया …. प्रसपा केवल छह माह पुरानी पार्टी है और वह अपने बैनर पर प्रदेश की 65 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है उम्मीद है कि हम 20 सीटों पर जीत दर्ज कराएंगे जिसके बाद हमारे पास करीब तीन साल का समय बचेगा फिर हम पूरे प्रदेश में अपना संगठन मजबूत करेंगे तथा 2022 के विधानसभा चुनाव में अपनी सरकार बनाना चाहेंगे।
        प्रसपा से गोंडा व कैसरगंज लोकसभा प्रत्याशी के समर्थन में गोंडा के जिगर मेमोरियल इंटर में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते समय प्रसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवापल यादव ने कहा सपा अब लोहिया और चरण सिंह के विचारों के विरुद्ध काम कर रही है ….अब गंदे लोग सपा में आ गए है और इन्हीं गलत काम करने वाले लोगों का विरोध किया तो मुझे दर किनार कर दिया गया। वहीं गठबंधन के सवाल पर बोलते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि बेमेल गठबंधन है जिस पर भरोसा ही नहीं किया जा सकता …. न तो बुआ पर न ही बबुआ पर लेकिन हम यह जरूर जानते हैं कि समाजवादी पार्टी के इतने बुरे दिन आ गए हैं कि उसको मायावती के पैरों पर गिरना पड़ा। अगर नेता जी की बात मानी होती या फिर पक्के समाजवादियों की बात मानी होती तो किसी के साथ जाना नहीं था अकेले ही समाजवादी पार्टी बहुत ऊंचाइयों तक जाती। नेताजी का तो सभी लोग सम्मान करते हैं, आज नेताजी उस हालात से निकल चुके है। …. आज उनकी बात छोड़िए बुआ और बबुआ पर आ जाओ क्या हाल किया। शिवपाल यादव के साथ पंहुची शादाब फातिमा ने आजम खां के बहाने डिम्पल पर तंज़ कसते हुए कहा कि नई – नई सास मिली है डिंपल जी को, जरा बच के रहिएगा नही तो घर की चाभी पर ऐसा कब्जा होगा कि देखती रह जाएंगी … आजम ने मायावती को कहा था, चांदी के बर्क में लिपटी हुई गंदगी फिर आजम साहब आज उसी गंदगी को अखिलेश ने अपने माथे पर कैसे लगा लिया।