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प्रशासनिक हठधर्मिता का शिकार हुआ डाक्टर, मरीज की मौत पर तीमारदारों ने की डाक्टर की धुनाई

Written by Ashfaq shah

निर्वाचन डयुटी से प्रभावित स्वास्थ्य सेवाओं का दिखा गम्भीर असर, समाचार वार्ता ने पहले ही जता दी थी आशंका

गोण्डा। अब इसे प्रशासनिक मजबूरी कहें या अदुरदर्शिता जिसके चलते जहां एक व्यक्ति को अपनी जान से हाथ धोना पडा वही वही एक वरिष्ठ चिकित्सक को तीमारदारों के आक्रोश का सामना करते हुए मारपीट का शिकार होना पडा।

जिला चिकित्सालय के आधे से अधिक कर्मचारियों की डयुटी निर्वाचन कार्य में लगा होना किसी के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है जिसकी आशंका समाचार वार्ता ने पहले से ही जता दिया था इतना ही नही होने वाली असुविधा से अवगत चिकित्सालय प्रशासन ने इस बावत आयोग से पत्राचार भी किया था परन्तु इसे उनकी मजबूरी कहें या फिर अदूरदर्शिता प्रशासन के अनुरोध पर कोई ध्यान नही दिया गया जिसका परिणाम आज एक व्यक्ति की मौत के रूप् में सामने आया और मृतक के परिजनों के कोप का भाजन एक वरिष्ठ चिकित्सक को होना पडा।

हुया यूं कि जनपद के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में कार्यरत रामनगर बनकट निवासी बृजेन्द्र शुक्ल की तबीयत आज उस समय खराब हो गयी जब वे निर्वाचन डयुटी पर स्थानीय सरदार भगत सिंह इन्टर कालेज पहुचे थे। उनकी खराब हालत को देखते हुए उन्हें आनन फानन में जिला चिकित्सालय पहुचाया गया जहां आपातकालीन कक्ष में डयुटी पर तैनात डा0 टी पी जायसवाल ने उनकी चिक्तिसक आरम्भ की। जिला चिकित्सालय के 54 कर्मचारियों की डयुटी निर्वाचन कार्य में लगी होने के कारण उपकरणों को मरीज तक पहुचंने में कुछ देरी हुयी जिस दौरान बृजेन्द्र शुक्ल की मौत हो गयी। मरीज की मौत होते देख तीमार दार भडक उठे और उन्होनें सारा आरोप डयुटी पर तैनात डा0 टी पी जायसवाल पर थोपते हुए उनके साथ अभद्रता और मारपीट आरम्भ कर दी।

तीमारदारों की इस हरकत से जिला चिकित्सालय में घंटो अफरातफरी का माहौल बना रहा, घटना की सूचना पुलिल को मिलने पर पहुचीं कोतवाली पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत किया। फिलहाल अपने साथ हुयी अभ्रदता और मारपीट से आहत डा0 टीपी जायसवाल ने पुलिस से शिकायत करने की बात कहीं है।