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अखंड राजपूताना सेवासंघ का चौथा वार्षिकोत्सव सम्पन्न, अपने क्षेत्र के दिग्गज राजपूतों ने की भागीदारी

देश के सर्वांगीण विकास में सामाजिक संगठनों की बड़ी भूमिका : गजेंद्र सिंह शेखावत

नई दिल्‍ली। अखंड राजपूताना सेवासंघ का चौथा वार्षिक महोत्सव 2जून, 2019 रविवार को दिल्‍ली के बहादुर शाह जफर मार्ग पर प्‍यारे लाल भवन में आयोजित किया गया। भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सेवासंघ के चौथे वार्षिक महोत्सव मे मुख्य अतिथि रहे ।

दीप प्रज्ज्वलन के अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष आर पी सिंह,सुप्रिम कोर्ट के वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता सत्‍यप्रकाश सिंह, आयुर्वेद के चेयरमैन ऋषिपाल चाहौन, सेवानिवृत्त कर्नल डॉ.जेपी सिंह, प्रेम नारायण सिंह शास्त्री ,श्रीमति मिनाक्षी परदेशी,सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी (IAS) के वी एन सिंह,आर एस सेंगर मौजूद रहे। इस मौके पर सेवासंघ के अध्‍यक्ष आरपी सिंह और महासचिव अशोक सिंह, सचिव रमाकांत सिंह ने सभी आंगतुकों का स्‍वागत किया।

मुख्‍य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि देश में राजस्‍थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कनार्टक जैसे राज्‍यों में 30 सालों से अधिक समय तक सामाजिक संगठनों के लिए काम करने का अनुभव रहा। मेरा मानना है कि देश के सामाजिक और आर्थिक निर्माण में इन संगठनों की बड़ी भूमिका रही है। मेरे खुद के विकास में राजस्‍थान के क्षत्रिय संघ के महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है। हमारे समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। प्रसिद्ध इतिहाकार कर्नल जेम्‍स टॉड का मानना है कि देश के इतिहास में से क्षत्रियों के इतिहास को निकाल दें तो काफी कम हिस्‍सा बाकी रहेगा। बहुत से लोगों का मानना है कि आजादी से पहले हमारा समाज काफी समृद्ध स्थिति में था, आजादी के बाद हमारी स्थिति खराब हो गई। लेकिन मैंने छात्रसंघ अध्‍यक्ष के रूप में राजस्‍थान के पूर्व मुख्‍य भैरो सिंह शेखावत के सामने भाषण देते हुए कहा था कि आजादी से पहले भले ही क्षत्रिय समुदाय के कुछ लोग भले ही अमीर रहे हों लेकिन देश की मिली आजादी ने सामान्‍य क्षत्रिय को जीने का अधिकार दिया है। ऐसे में वर्तमान परिस्थितियों को कोस कर हम आगे नहीं बढ़ सकते हैं। ऐसे में क्षत्रिय धर्म के संस्‍कार जैसे दान, शौर्य, स्‍वाभिमान के साथ जीना, विपरीत परिस्थितियों में भी न भागना जैसे गुणों का विकास कर सकते हैं। उन्‍होंने आगे कहा कि मंत्री बनने के बाद पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में अपने समाज के कार्यक्रम में आया हूं, यह मेरे लिए सौभाग्‍य की बात है। मैं इसके लिए अपने आप को सौभाग्‍यशाली मानता हूं। हालांकि इस कार्यक्रम को लेकर सांसद के रूप में जीतने के बाद ही बात हो चुकी थी।

इससे पहले मंत्री शेखावत जी ने घुड़सवारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्ववारा पुरस्‍कृत किए गए इंस्‍पेक्‍टर सुमैद सिंह को सम्‍मानित किया। इससे पहले अखंड राजपूताना सेवासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर पी सिंह ने मंत्री गजेंद्र शेखावत और समुदाय के प्रमुख लोगों के स्‍वागत भाषण में कहा कि सेवासंघ की स्‍थापना मुंबई के पालघर में 2016 में हुई थी। आज स्थिति ये है कि हमारा संगठन मुंबई के प्रमुख संगठन के रूप मे पहचाना जाता है। इससे पहले मुंबई में राजपूतों को भी मराठा समझा जाता था लेकिन हमने अलग राजपूत सेवासंघ की स्‍थापना कर समाज को जोड़ने की नींव रखी। हम कहना चाहते हैं कि हम तकरार में विश्‍वास नहीं रखते हैं लेकिन अपमान सहने में भी विश्‍वास नहीं रखते हैं। हमारे संगठन ने मुंबई सहित देश के अलग-अलग हिस्‍सों में पद्मावती फिल्‍म का जोरदार तरीके से विरोध किया था । हमारे संगठन के विरोध का ही असर था कि फिल्‍म के निर्देशक संजय लीला भंसाली को फिल्‍म का नाम बदलना पड़ा। इसके बाद हमने एससी-एसटी एक्‍ट का जोरदार तरीके से विरोध किया। हमारा संगठन पूर्वजों की उपलब्धियों को गिनाने में विश्‍वास नहीं रखता बल्कि हम अपनी उपलब्धियों को बताते हैं। यही कारण है कि जब सरकारी नौकरियां तेजी से खत्‍म हो रही हैं तो ऐसे में हम नौकरियों को पैदा करने करने वाले बन रहे हैं। यही कारण है कि मुंबई में समाज के १५ उद्योगपतियों को महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फणनवीस ने संस्था के दूसरे विंग राजपूताना ट्रेड हाउस के मंच से सम्‍मानित किया। इसको लेकर मुंबई में समय-समय पर सम्‍मेलन आयोजित किया जाता रहता है। उन्‍होंने आगे कहा कि हमरा संगठन गैर राजनीतिक है, फिर भी हम सामाजिक मुद्दों को लेकर पीछे नहीं हैं। हम कर्म के बल पर जीने के आकांक्षी हैं और हमें किसी आरक्षण की जरूरत नहीं है लेकिन हम ये भी कहना चाहते हैं कि हमारे स्‍वाभिमान को कोई ठेस न पहुंचाए।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता एसपी सिंह ने कहा कि हमारे समाज के ही राम, कृष्‍ण, बुद्ध, महावीर ने पूरे विश्‍व में छात्र धर्म का प्रकाशन किया। वस्‍तुत समाज के संगठन का प्रमुख उद्देश्‍य जात-पात मे विश्‍वास नहीं रखते हुए समुदाय को आगे बढ़ाना है। क्षत्रिय समुदाय ने हमेशा राष्‍ट्र धर्म को अपना धर्म माना है और उसका विकास किया है। यह काम वह आगे भी करते रहेंगे।

जीवा ग्रुप के चेयरमैन ऋषिपाल चौहान ने कहा कि समाज को जोड़ने के लिए पूर्वजों से मिले संस्‍कारों को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाएं। मेरा मानना है कि भारत में 10-12 करोड़ राजपूत हैं। अगर सभी राजपूत लोग संघ के लिए रोजाना एक रुपये यानी 365 रुपये वार्षिक दें तो पैसे की कमी नहीं रहेगी। समाज के बड़े लोग रोजाना 5 रुपये दे सकते हैं। अगर ऐसा संभव हुआ तो आपके पास 100 करोड़ रुपये का फंड होगा, इसके जरिए बहुत काम किए जा सकेंगे। संगठन से वही जुड़ेगा, जिसे इससे लाभ होगा। अमीर को और समृद्ध होने की आवश्‍यकता नहीं है। ऐसे में गरीब व्‍यक्ति ही आपको समय और धन देगा। जब एक व्‍यक्ति को फायदा होगा तो दूसरा व्‍यक्ति भी संगठन से जुड़ेगा। ऐसे संगठन अमीर लोगों के पीछे न जाए बल्कि गरीब लोगों को अपने साथ जोड़े।

इस मौके पर सेवासंघ के अध्‍यक्ष आरपी सिंह ने नोएडा निवासी सेवानिवृत्त कर्नल डॉ.जेपी सिंह को संगठन के भारतीय सेना विंग का अध्‍यक्ष नियुक्‍त किया। कर्नल जेपी सिंह ने कहा कि मैं 2008 में रिटायर हुआ था। सेना में जम्‍मू-कश्‍मीर में तैनाती के दौरान मैं चोटिल हो गया था। इस दौरान मेरे साथी की मौत हो गई थी। सेना में काम करते हुए हमारा नेशन फर्स्‍ट का नारा था। समुदाय के लिए काम करते हुए भी हमारा यही नारा है। राष्‍ट्र के इतिहास में राजपूतों का बड़ा योगदान रहा है। इसके बावजूद हालत ये है कि महाराणा प्रताप, झांसी की रानी का कोई नामलेवा नहीं है, बल्कि आज हालत ये है कि अकबर द ग्रेट कहा जाता है। ऐसे में इस धारणा को बदलना जरूरी है। ऐसे में संगठन की भूमिका महत्‍वपूर्ण हो जाती है। राजपूत हमेशा से राष्‍ट्र या राष्‍ट्रवाद की आवाज उठाता है, यही कारण है कि आज संसद में 33 राजपूत सांसद चुन कर आए हैं। यह संगठन भी राजपूतों के शौर्य को आगे बढ़ा रहा है।

प्रेम नारायण सिंह ने वेदों और उपनिषदों की उक्तियों के माध्‍यम से लोगों को उत्‍प्रेरित किया। उन्‍होंने कहा कि केवल उदरपूर्ति तक सीमित न रहें बल्कि वास्‍तविक ज्ञान प्राप्‍त करें। हमार स्‍वाधीनता सबको प्रफुल्लित करने के लिए होनी चाहिए। इस मौके पर समाज से जुड़े अलग-अलग जगहों पर काम करने वाले लोगों को सम्‍मानित किया गया।

कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्नल डॉ.जे.पी.सिंह ,डिप्टी जर्नल एडवोकेट एन एस पुंडीर (उत्तरॉचल),प्रेम नारायण सिंह शास्त्री ,सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी (IAS) के वी एन सिंह ,राष्ट्रीय महासचिव अशोक कुमार सिंह ,राष्ट्रीय सचिव ,रमाकॉत सिंह ,अरूण कुमार सिह ,कोषाध्यक्ष रंजना एस सिंह ,राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य स्नेहल परदेशी ,राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष हनुमंत सिंह सोलंकी ,उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष प्रशॉत शाही ,दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह ,सहायक कमॉडेट मानवेन्द्र सिंह ,डॉ.डी एस सेंगर ,निरज सिंह ,मुंबई अध्यक्ष रामविलास सिंह ,मनीष सिंह ,के पी सिंह सहीत बहुलता मे समाज प्रमुख रहे है ।