उत्तर प्रदेश लाइफस्टाइल

विश्व पर्यावरण दिवस पर जागरूकता रैली कर संगोष्ठी आयोजित की गई

Written by Reena Tripathi

लखनऊ ! विश्व पर्यावरण दिवस पर लखनऊ की सड़कों पर जागरूकता रैली एवं संगोष्ठी का आयोजन भारत समृद्धि संस्था के तत्वावधान में किया गया|

भारत समृद्धि के तत्वावधान में प्रातः 8:00 बजे आशियाना के खजाना चौराहे से आम लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए रैली निकाली गई और लोगों को आगाह किया कि यदि अभी भी हम पर्यावरण की रक्षा और पर्यावरणीय प्रदूषण के लिए जागरूक नहीं हुए तो भविष्य अन्धकारमय होगा|
भारत समृद्धि के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने मुख्य वक्ता के तौर पर संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत समृद्धि *वृक्षों रक्षति रक्षति* : (तुम वृक्षों की रक्षा करो वृक्ष तुम्हारी रक्षा करेंगे ) सूत्र वाक्य को आदर्श मानते हुए वर्षभर लखनऊ के विभिन्न संवर्गों को जागरुक करते हुए वृक्षारोपण के कार्यक्रम की श्रंखला चलाएंगी।

उन्होंने बताया की आज अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस के अवसर पर यह बहुत ही आवश्यक है कि हम अपने पर्यावरण को संतुलित रखने हेतु चिंतन करें और पर्यावरणीय संसाधनों का इस प्रकार उपयोग करें कि उन्हें आने वाली पीढ़ियों को भी हम धरोहर के रूप में हस्तांतरित कर सकें| भारत समृद्धि संस्था का यह कर्तव्य है कि वह भारत की आर्थिक ,सामाजिक ,राजनीतिक वैचारिक और ज्ञानात्मक समृद्धि बढ़ाने में अपना योगदान दें | संस्था के स्तर पर यह पूरा प्रयास किया जाएगा कि हमारे चारों तरफ व्याप्त जल, वायु, भूमि में हो रहे पर्यावरणीय असंतुलन को रोका जा सके तथा ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण कर मौसम के परिवर्तन तथा जीवन की महती आवश्यकता ऑक्सीजन को बढ़ाया जा सके|
इस अवसर पर कमलेश सिंह सभासद ने वृक्षारोपण कार्यक्रम में पूरा सहयोग करने तथा जागरूकता अभियान में घर-घर तक लोगों को जाकर जागरूक करने की शपथ सभी उपस्थित साथियों को दिलवाई|

संस्था के वरिष्ठ सदस्य इंजीनियर एचएन पांडे ने नई पीढ़ी को इस अभियान से जोड़कर तथा घर घर बच्चों के माध्यम से पेड़ लगवाने और घर के सभी सदस्यों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने को कहा|

भारत समृद्धि के महामंत्री धीरज उपाध्याय ने पर्यावरण के संरक्षण में मुख्य बाधक बढ़ती जनसंख्या व प्रगति के नाम पर आर्थिक लाभ के लिए वनों को द्रुतगति से काटा जाना बताया, उन्होंने कहा कि यदि विकास के नाम पर एक पेड़ काटा जाए तो उसके पहले कई वर्षों की योजना के तहत 10 पेड़ लगा दिए जाएं ताकि लाखों जीव जंतु और पशु पक्षियों के आश्रय को ना उजाड़ा जा सके|
भारत समृद्धि की सदस्य रीना त्रिपाठी ने कहा कि भारत में सभ्यता ,संस्कृति, आर्थिक नीति रहन-सहन, पहनावे ,भाषा बोली की विविधता है फिर भी इन सभी में जीवन के लिए नितांत आवश्यक शुद्ध हवा पानी सभी के लिए एक ही रहा है अर्थात सांस लेने के लिए सभी को ऑक्सीजन चाहिए, ऐसे में पर्यावरणीय समरसता स्थापित होनी चाहिए और अलग-अलग आवश्यकताओं के नाम पर पर्यावरण का दोहन रोका जाना चाहिए, क्योंकि विभिन्न प्रकार की विभिन्नता होने के बावजूद भी हम में एक चीज को जो जीवन को चलाने के लिए आवश्यक है वह यह कि हम सभी सांस लेने के लिए ऑक्सीजन गैस का उपयोग करते हैं जो कि हमें पेड़ पौधों से प्राप्त होती हैं ।यह कल्पना ही भयावह लगती है कि यदि परिस्थिति तंत्र में जैविक और अजैविक घटकों में एक कड़ी पेड़ -पौधे ही ना रहे तो क्या हम जीवित रह सकेंगे?इस विषय पर सभी को चिंतन करने को कहा|

वर्तमान समय में यह बहुत आवश्यक है कि पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों के सीमित संयमित और विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति हम अपने समाज को जागरुक करें |

संयुक्त राष्ट्र संघ 2019 अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस को वायु प्रदूषण से मुक्ति करने के नारे के साथ मना रहा है | आज की महती आवश्यकता है कि हम कम से कम जीवन की न्यूनतम आवश्यकता हवा ,पानी ,भोजन को शुद्ध और संयमित उपयोग में ला सकें|

कार्यक्रम में सेवानिवृत्त एयर मार्शल आरके दीक्षित, त्रिवेणी मिश्र,विजय त्रिपाठी,सुमन दुबे प्रतिभा अवस्थी, उषा सिंह, सहित कई गण्य मान लोगों ने जागरूकता रैली में हिस्सा लिया