धर्म राष्ट्रीय

श्री राम मंदिर पर आम जनता से एक अनोखी अपील

अयोध्या में स्थित भगवान् श्रीराम जन्म स्थली पर भव्य मंदिर को लेकर जहाँ टी वी चैनलों से लेकर चौक चौराहों पर तरह तरह के बहस का दौर जारी है, लोग आम सहमति सहित न्यायालय के आदेश की चर्चा कर रहे है वहीँ जनता में से ही एक सजग नागरिक ने अनोखी पहल करते हुए आम जनता से अपील की है की वे व्यक्तिगत तौर पर सर्वोच्च न्यायालय को अपनी भावनाओं से अवगत कराये ! इतना ही नही उन्होंने तरीके से भी अवगत कराते हुए कहा है की मंदिर के समर्थक सर्वोच्च न्यायालय को मेल के माध्यम से अपनी बात पहुचाएं, उन्होंने मेल में लिखे जाने वाले विषय की भी जानकारी दी है !
देश की राजधानी दिल्ली में कार्यरत उत्तरप्रदेश के जनपद गोंडा के ग्राम पुरैनिया निवासी सुशील शुक्ल ने अपनी इस अनोखी अपील में कहा है की ……………………
श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मन्‍दिर निर्माण हेतु सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य धर्मस्थ को ई मेल तो आप कर सकती/ते हैं न !
सर्वोच्च न्यायालय का घोष वाक्य है – यतो धर्मस्ततो जय: । अत: कौटल्य की परम्परा पर चलते हुये उन्हें धर्मस्थ कहा गया है। आप धर्मस्थ के समक्ष अपना प्रतिवेदन व्यक्तिगत स्पर्श के साथ रख रही/हे हैं ।
आन्दोलन ऐसे ही संवेग प्राप्त करते हैं। आगामी दिनों में अन्य मार्ग सुझाये जायेंगे।
कृपया इसे आज ही ई मेल करें, पता है:
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Subject में लिखें: 
Regarding Śrī Rāmajanmabhoomi title suit,  Ayodhya 
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To,
Hon. Chief Justice
Supreme Court, Union of India
Respected Chief Justice,
Best wishes to you on your birthday on November 18. May Bhagawān Śrī Rāmachandra bless you with good health and long life. 
I humbly request your honour to initiate hearing on Śrī Rāmajanmabhoomi dispute immediately.  
This action will not affect any political party, or any group, or community, since the decision is least likey to be delivered by completion of coming Loksabha elections.
In honour of the faith of the entire Hindu society, which is patiently waiting with strong faith in justice, for centuries, you are requested to kindly decide in favour of the reinstatement of Śrī Rāma temple on his birthplace.
I have no understanding of the legal process, or the complexity involved in it, but strongly believe that everything is possible, if you wish so.
Respectfully yours,
श्री शुक्ल ने बताया की इस माध्यम का प्रयोग कर आम जनता सीधे सर्वोच्च न्यायालय को अपनी भावनाओं से अवगत करा सकती है जिससे उसे निर्णय लेने में बहुत ही सरलता होगी !