उत्तर प्रदेश लाइफस्टाइल शिक्षा

महारानी लक्ष्मी बाई की जयन्ती, छात्राओं को दिए गये मार्शल आर्ट के टिप्स

अप्रतिम वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई की जन्म जयन्ती पर कोटिशः नमन

लखनऊ ! बुन्देले हरबोलों के मुख हमने सुनी कहानी थी । खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।।” ……………………         19 नवंबर, प्राथमिक विद्यालय अलीनगर खुर्द में बाल चौपाल तथा हेंडो मार्शल आर्ट के सहयोग से महारानी लक्ष्मी बाई के जन्मदिन पर महिला सुरक्षा पर शिक्षकों की संगोष्ठी तथा बच्चियों को मार्शल आर्ट से आत्मरक्षा की आवश्यक शिक्षा प्रदान की गई| विद्यालय की शिक्षिका रीना त्रिपाठी ने रानी लक्ष्मी बाई के जन्मदिन पर बधाई देते हुए सभी महिलाओं को इमानदारी और निडरता से काम करने की सलाह दी तथा बच्चियों को स्कूली शिक्षा पूरी करके खुद को सक्षम  कर समाज में हो रहे किसी भी अनचाहे अन्याय से लड़ने को प्रोत्साहित किया !
कार्यक्रम में उपस्थित मार्शल आर्ट की शिक्षिका डॉ ज्योत्स्ना सिंह सभी को बताया कि वह अपने हाथों कोहनी और घुटनों के वार से तथा नाखून से किस जगह वार करें ताकि अगर किसी बुरी परिस्थिति में कोई बच्चे फंसे अपनी सुरक्षा स्वयं कर सके| उन्होंने सभी बच्चे और महिलाओं, शिक्षकों को बताया की मार्शल आर्ट का केंद्र बिंदु आत्मविश्वास ही है हमें यह आत्मविश्वास बनाकर रखना चाहिए ताकि बिना हमारी इच्छा की हमें कोई छू न सके |
बाल चौपाल के संरक्षक अनूप मिश्रा  ने सभी बच्चियों को खेल में रुचि रखने तथा किसी एक खेल को अच्छे से खेलने को कहा ताकि उनका शरीर फुर्ती वान बना रहे और जीवन के संघर्षों में यही स्थिति और जागरूकता उन्हें किस प्रकार सफल बनाएगी यह बताया| बच्चों को कभी भी और किसी भी परिस्थिति में ना डरने की सलाह दी तथा अपना पूरा प्रयास करके स्वयं की रक्षा करने को कहा ..
शिक्षिका तृप्ति भदौरिया द्वारा गीत सिंहासन हिल उठे राजवंशों ने भृकुटी तानी थी, बूढ़े भारत में आई फिर से नयी जवानी थी, गुमी हुई आज़ादी की कीमत सबने पहचानी थी गीत गया ! प्राथमिक विद्यालय अलीनगर खुर्द की  बच्चियां दीपाली, आयुषी , नैना ने रानी लक्ष्मी बाई पर कविता सुनाकर उनको नमन किया जिन्हें बाल चौपाल की तरफ से पुरस्कृत किया गया , साथ ही कक्षा तीन की छात्रा अनामिका को  उत्कृष्ट लेखन और शब्द ज्ञान के कारण  पुरस्कृत किया गया, जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर भी जीत हुई छात्रा रश्मि को पुरस्कृत किया गया |शिक्षिका रीना त्रिपाठी ने सभी बच्चों तथा गांव के आए हुए प्रतिष्ठित महिलाओं, बच्चों के माता-पिता को अप्रतिम वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के जन्मदिन पर  महारानी के बारे में बताया और अगर सभी माता-पिता अपने बच्चों को बचपन से ही निडर और विषम परिस्थितियों से लड़ने की शिक्षा देंगे तो बड़े होने पर उन्हें बड़ी से बड़ी कठिनाइयों में भी सहजता से निकलने में सहायता मिलेगी.
लड़ाई की रिपोर्ट में ब्रितानी जनरल ह्यूरोज़ ने टिप्पणी की कि रानी लक्ष्मीबाई अपनी सुन्दरता, चालाकी और दृढ़ता के लिये उल्लेखनीय तो थी ही, विद्रोही नेताओं में सबसे अधिक ख़तरनाक भी थी महिला सशक्तिकरण इससे बड़ा उदाहरण समकालीन इतिहास में कहीं नहीं मिलता बहुत ही मुश्किल है उनकी वीरता का वर्णन उनका सबसे बड़ा दुश्मन गवर्नर ही *आजादी के जंग का एकमात्र मर्द कह गया* अंग्रेजी सेना महारानी लक्ष्मी बाई के नाम से थरथर कांपते थी, जबकि वह भी एक साधारण ब्राम्हण परिवार में  काशी में जन्मी बच्ची थी पर नाना साहब की संगत और बचपन में अस्त्र-शस्त्र की शिक्षा से वह बहुत ही बहादुर और कुशल योद्धा बनी|   सरल केयर फाउंडेशन की  अध्यक्ष रीता सिंह , महारानी लक्ष्मी बाई के जीवन से सीख लेते हुए उपस्थित अभिभावकों से बच्चियों को भी स्कूली शिक्षा के साथ-साथ उनकी सुरक्षात्मक शिक्षा देने को कहा| संगोष्ठी में बताया गया शिक्षा ही वह अधिकार है जिससे वह होकर अपने समाज में हो रहे अत्याचार से लड़ सकती हैं|
कार्यक्रम के उपरांत बच्चों को लड्डू और टाकिया वितरित किए गए इस नई गतिविधि से बच्चे बहुत ही उत्साहित दिखे, शिक्षामित्र सरिता यादव, शिक्षिका निशा सिंह, तृप्ति भदोरिया ने प्रतिभाग किया| प्राथमिक विद्यालय अलीनगर खुर्द की अध्यापक रीना त्रिपाठी ने संगोष्ठी का समापन करते हुए उपस्थित सभी अतिथियों को धन्यवाद दिया| कार्यक्रम में मुख्य प्रतिभाग हेंडों मार्शल आर्ट एसोसिएशन डॉ ज्योत्सना सिंह सरल केयर फाउंडेशन की रीता सिंह बाल चौपाल के संरक्षक अनूप मिश्रा ने कार्यक्रम का आयोजन किया