अपराध उत्तर प्रदेश गोंडा स्वास्थ्य

पुलिसिया संरक्षण में संचालित हो रहा था अवैध क्लीनिक, न लगती डी एम की फटकार तो न होती कार्यवाही

मुकदमा दर्ज, चार्जशीट दाखिल, लेकिन धड़ल्ले से हो रहा था संचालन

बभनान/मसकनवांं (गोण्डाा) ! फैजाबाद रोड मसकनवा प्राथमिक स्वास्थय केंद्र के सामने अवैध रूप से संचालित अलशिफा पॉलीक्लिनिक पर एसडीएम मनकापुर ने पुलिस बल के साथ छापामारे की इस दौरान कोई पेपर न मिलने पर पॉलीक्लिनिक को सील कराकर आवश्यक कार्यवाही की है।

मंगलवार को तहसील दिवस में जिलाधिकारी के तेवर उस समय चढ गये जब किसी ने शिकायत की की फैजाबाद रोड स्थित मसकनवा में प्राथमिक स्वास्थय केंद्र के सामने बिना किसी कागजात के अवैध रूप से अलशिफा पॉलीक्लिनिक का संचालन किया जा रहा है जबकि उक्त संचालक के विरूद्ध 30 अगस्त 2019 को छापे मारी के दौरान अपराध संख्या 0247 में ओपीडी मेडिकल स्टोर डिलीवर एवं आईपीडी जांच आदि का संचालन पाये जाने पर दर्ज मुकदमे में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया न ही संचालन बन्द कराया गया जबकि प्रबन्धक सहित अन्य के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज है।

जिलाधिकारी नितिन बंसल ने तहसील दिवस में थाना प्रभारी छपिया अटल बिहारी ठाकुर को कडी फटकार लगाते हुए तत्काल आरोप पत्र दाखिल करने के निर्देश के साथ एसडीएम मनकापुर रमा कान्त वर्मा को उक्त पॉलीक्लिनिक को सील करने का निर्देश दिया।तहसील दिवस समाप्त होने के उपरांत एसडीएम मनकापुर,खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनकापुर हीरा लाल,सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र स्वामी नारायण छपिया प्रभारी आलोक सिंह,थाना प्रभारी छपिया भारी पुलिस बल के साथ साँय लगभग साढे चार बजे पहुंच कर पूर्व मे दर्ज एफआईआर के बावजूद पाली क्लीनिक संचालन के आरोप में दर्ज मुकदमे को संज्ञान में लेते हुए अलशिफ़ा पाली क्लीनिक के प्रबंधक व अन्य के विरुद्ध भारतीय दंड 1860 धारा 420 एवं भारतीय चिकित्सा अधिनियम की धारा 15(2)(B) में दर्ज कराई गई तथा ओ.पी.डी, आई.पी.डी, डिलवरी पॉइंट, मेडिकल स्टोर अन्य जांच के उपकरण आदि से युक्त कमरे को मौजूद अधिकारियों ग्रामीणों व अन्य की उपस्तिथि में सील किया गया और नमूना बनाया गया। ताले की चाभी को कपड़े में रखकर सील किया गया।

चिकित्सा प्रभारी आलोक सिंह ने कहा कि पूर्व में भी कार्यवाई की गयी थी उसके बावजूद पुलिस के लापरवाही के चलते संचालन बन्द नही हो सका है ।एसडीएम मनकापुर रमा कान्त वर्मा ने बताया है कि मसकनवा प्राथमिक स्वास्थय के सामने अवैध रूप से अलशिफा पॉलीक्लिनिक का संचालन का कार्य अहमद रजा के द्वारा किया जा रहा था जिसके विरूद्ध पूर्व मे अभियोग पंजीकृत होने के बाद संचालन कार्य जारी था जिसको सील कराकर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

मामले पर आरोपी डॉक्टर अहमद रज़ा में अपनी सफाई में बताया कि उस जगह पर किसी भी तरह की चिकित्सीय कार्यक्रम नही चलाया जा रहा था !

वहीं चिकित्साधिकारी द्वारा पुलिस पर आरोप लगाए जाने पर थानाध्यक्ष अटल बिहारी ने यह कहते हुए अपना पल्ला झाड़ा की मामला हमारे कार्यभार ग्रहण करने से पहले का है ! लेकिन सवाल यह उठता है कि जिस मामले में मुकदमा दर्ज हो चार्जशीट भी दाखिल हो गई हो लेकिन फिर भी अपराध पूर्ववत हो रहा हो और स्थानीय पुलिस को कोई जानकारी ही न हो, ये बात किसी के भी गले से नीचे नही उतर सकती !

अगर मान भी लिया जाए कि पुलिस को जानकारी नही थी तो छोटे मोटे चोरों छिछोरों की जानकारी रखने वाले पुलिस को उस स्थान की जानकारी न हो जहां दिन दहाड़े कानून की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हो, क्या पुलिस के लिये शर्मनाक नही है ! जाहिर है पुलिस ने अवैध क्लिनिक को अपना संरक्षण प्रदान कर रखा था, और जिलाधिकारी के सख्त रुख पर कार्यवाही करने को विवश होना पड़ा !

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आदित्यमणि तिवारी

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