“नहीं सुधरेंगे” के तर्ज पर काम कर रही ग्राम प्रधान नीलम तिवारी
गोण्डा। ग्रामीण स्तर पर व्याप्त भ्रस्टाचार को समाप्त करने की योगी सरकार द्वारा जितने भी प्रयास किये जा रहे हैं ग्राम प्रधान और अधिकारी कर्मचारी की मिलीभगत उन प्रयासों पर पानी फेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही कुछ ऐसा ही कारनामा जिले के विकास खंड पंडरी कृपाल के ग्राम लुवायां में निर्माणाधीन पंचायत भवन में सामने आया है।

पिछले पांच वर्षो में गावों की स्थिति में आये सुधार की पड़ताल करने ग्राम लुवायां पहुंची समाचार वार्ता की टीम को निर्मित हो रहे पंचायत भवन की जानकारी पर निर्माण स्थल पर पहुँचने पर जो स्थिति सामने आई वो चौकानें वाली निकली, पीले और दोयम ईंटो के लगे ढेर के बीच काम कर रहे मुख्य मिस्त्री अकरम ने कैमरे पर बताया की निर्माण में छह अनुपाते एक के मसाले का प्रयोग किया जा रहा है, प्रयोग में लाये जा रहे इंटों के बारे में अकरम ने बताया की ये मीठा अव्वल है जबकि वे पीले और दोयम हैं ये स्पष्ट दिखाई दिया।

छह एक के मसाले में भी मोरंग सीमेंट के साथ बालू का भी भरपूर प्रयोग किया जा रहा था जिसका निर्माण स्थल पर ढेर भी लगा दिखाई दिया हालांकि अकरम ने बालू के प्रयोग से इंकार किया लेकिन बनाये जा रहे मसाले में बालू भी मिलाया गया था।
वहां मौजूद लोगो और मुख्य मिस्त्री से जानकारी करने पर पता चला की प्रधान तो वास्तान में नीलम तिवारी है लेकिन प्रधानी की पूरी बागडोर उनके पुत्र रोहित तिवारी के हाथ में रहती है, फिलहाल ज़ब पंचायत भवन के निर्माण में बरती जा रही अनियमितता पर वार्ता करने के लिए उनके नम्बर पर फोन किया गया तो कई प्रयासों के बाद भी काल रिसीव नहीं हुई।

फिलहाल देखना तो ये है की इस भ्रस्टाचार पर ज़िला प्रशासन किस तरह का रुख अपनाता है, प्रधान के भ्रस्टाचार को संरक्षण देता है या फिर मुख्यमंत्री योगी की मंशा को साकार करने में सहयोग देते हुए प्रधान और अन्य जिम्मेदारों पर कठोर कार्यवाई करता है।

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