लखनऊ। रेलवे में रिक्त पदों की भरती, आठवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने और निजीकरण व आउटसोर्सिंग के विरोध में देशभर के रेलकर्मी राजधानी लखनऊ में एकजुट हुए। सोमवार को ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन (एआईआरएफ) के तत्वावधान में आयोजित 101वें दो दिवसीय महाधिवेशन के पहले दिन चारबाग स्थित रेलवे स्टेडियम में हजारों रेलकर्मियों ने शक्ति प्रदर्शन किया।
महाधिवेशन की अध्यक्षता एआईआरएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कन्नैया ने की। महासचिव शिवगोपाल मिश्र ने कहा कि रेलवे में निजीकरण और आउटसोर्सिंग से कर्मचारियों के अधिकारों और सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने मांग की कि संरक्षा से जुड़े कार्यों में संविदा नहीं, बल्कि स्थायी नियुक्तियां की जाएं। रेलवे में खाली पड़े लाखों पदों को तत्काल भरा जाए तथा आठवें वेतन आयोग में कर्मचारियों की अपेक्षाओं के अनुरूप सुधार किए जाएं। महिला रेलकर्मियों की कार्यस्थल संबंधी समस्याओं के समाधान पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ए.के. वर्मा, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, डीआरएम सुनील कुमार वर्मा एवं महापौर सुषमा खर्कवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। उपमुख्यमंत्री ने रेलकर्मियों को संबोधित करते हुए उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
महाधिवेशन से पूर्व महासचिव शिवगोपाल मिश्र के नेतृत्व में एक विशाल जनरैली निकाली गई, जो आलमबाग स्थित टी.एन. बाजपेयी चौराहे से शुरू होकर मवैया और चारबाग बस स्टैंड होते हुए रेलवे स्टेडियम पहुंची। रैली में देशभर से आए हजारों रेलकर्मियों ने भाग लेकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
