गोण्डा। आज सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया बजट आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। देश इस समय महँगाई और बेरोज़गारी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन बजट में इनके समाधान के लिए कोई ठोस योजना नज़र नहीं आती।
आज पेश आम बजट पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्र ने कहा की इस बजट से किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग को इससे कोई वास्तविक राहत नहीं मिली है। युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर पैदा करने की दिशा में भी बजट निराशाजनक है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों के लिए किया गया प्रावधान अपर्याप्त है, जो सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाता है। छोटे व्यापारियों और ग्रामीण भारत की ज़रूरतों को भी नज़रअंदाज़ किया गया है। कुल मिलाकर यह बजट जनविरोधी है और समावेशी विकास के लक्ष्य को पूरा करने में असफल रहता है।
आज का शेयर बाजार इस बजट की असलियत बयान कर रहा है।
