चिकित्सकों ने दिए रंगों के दुशप्रभाव से बचने के टिप्स
गोंडा। होली पर्व को लेकर जिला प्रशासन की संयुक्त टीम मिल कर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने को लेकर सजग है। जिसमे जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सीएमओ स्वास्थ्य विभाग के साथ ही मेडिकल कालेज प्रशासन के संयुक्त सहयोग के द्वारा एक संयुक्त टीम का गठन किया गया है। यह टीम निरंतर होली पर्व पर होने वाले किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हाई एलर्ट मोड पर है।

यह जानकारी मेडिकल कालेज चिकित्सालय के मेडिकल सुप्रीटेंडेंट डॉक्टर डी एन सिंह ने दी है। उन्होंने बताया की होली के दिन होने वाले किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए चिकित्सालय को हाई एलर्ट मोड पर रखा गया है। समस्त चिकित्साधिकारी, नर्सिंग, फार्मेसी विभाग के कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।इमर्जेसी सेवाओं को त्वरित कार्रवाई के लिए सुदृढ़ किया गया है। जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता को इमरजेंसी सहित समस्त वार्डों में सुनिश्चित कर दिया गया है। आपातकालीन एंबुलेंस, सफाई कर्मचारियों को 24 घंटे उपलब्ध रहने को कहा गया है।सर्जिकल, मेडिसिन, आर्थो, आई, स्किन, पीडियाट्रिक विभाग के सीनियर, जूनियर, एवं स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की उपलब्धता को भी हर हाल में सुनिश्चित कर दिया गया है। समस्त डॉक्टर अस्पताल में मौजूद रहेंगे।किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासनिक संयुक्त टीम 24 घंटे स्थिति की हर पल निगरानी करती रहेगी।
खेले रंग लेकिन आंखो और त्वचा का रखे ख्याल

होली पर्व पर रंग खेलते समय खुद की सुरक्षा को लेकर सजगता जरूरी है। यह कहना है जिले के प्रसिद्ध चिकित्सकों का। रंग खेलते समय सावधानी ही दुर्घटना से आपको बचा सकती है।
आंखो के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉक्टर पुनीत श्रीवास्तव का कहना है कि होली पर्व पर बच्चे बूढ़े सभी रंग से सराबोर रहते है। ऐसे में चाहिए की वे अपनी आंखों की सुरक्षा को लेकर सजग रहें। होली पर प्राकृतिक हर्बल रंगों का ही प्रयोग करे।नुकसान दायक सस्ते रंगों के प्रयोग से बचे। होली खेलते समय आंखो पर कोई भी साधारण चश्मा लगाए तभी होली खेले। यदि फिर भी आंखो में रंग चला गया है, तो साफ पानी से धुले, और बिना किसी चिकित्सक परामर्श के स्वयं से कोई भी ड्रॉप का प्रयोग आंखो में न करें, यह आंखो की रोशनी के लिए घातक हो सकता है।
आंखो में रंग पड़ जाने पर अपने नजदीकी आंख के डॉक्टर से संपर्क करें।

त्वचा के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉक्टर दीपक कुमार का कहना है कि होली खेलने से पहले अपने शरीर की त्वचा पर किसी मॉइश्चराइज क्रीम को लगा ले, या नारियल के तेल का प्रयोग करे, तभी रंग खेले। इस प्रक्रिया को अपनाने से त्वचा पर एक परत बन जाती है जिसके कारण रंगो के अत्यधिक हानि से त्वचा को बचाया जा सकता है। फिर भी यदि त्वचा में जलन लाली, दर्द, खुजलाहट होती है तो ऐसे में स्किन, (त्वचा)के एक्सपर्ट डॉक्टर को दिखाएं या अपने नजदीकी अस्पताल से संपर्क करे।
समस्त चिकित्सकों ने जिले वासियों से होली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि इस रंग भरे पर्व को नशे के कारण बदरंग न करे। होली की हुड़दंग से लोगों को परेशान करने से बचे। हर्बल रंगों का प्रयोग करे सुरक्षित होली पर्व मनाए।
