उत्तर प्रदेश गोंडा स्वास्थ्य

आम सुविधाओं को तरस रहे मरीज, नोडल कर रहे सैर, समस्याओं से मूंदी आँख

गोंडा। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय बाबू ईश्वर शरण संबद्ध जिला चिकित्सालय में मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाए अब कागजी बन कर रह गई है। संबद्ध चिकित्सालय अब अपनी आभा खोता जा रहा है जिसके चलते जिले के लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की हालत अब पूर्व की अपेक्षा बेहतर से बदतर हो चुकी है।

इस बारे में यदि जानना है तो हमे यह देखना होगा कि यहां मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता और जमीनी स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही सेवा किस तरह लोगों को उपलब्ध है।

खून जांच रजिस्ट्रेशन के लिए एक काउंटर पर्याप्त नहीं

संबद्ध चिकित्सालय में रोजाना 5000 मरीज इलाज के लिए आते है। इनमे से लगभग 250 या 350 के करीब जांच रजिस्ट्रेशन के लिए आते हैं। क्षेत्रीय निदान केंद्र में स्थित यह काउंटर एक सकरी गली में है। जहां एक साथ 5 लोगों के खड़े हो जाने से रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। वही जब 300 लोग इस केंद्र पर जांच के लिए पहुंचते हैं तो व्यवस्था भरभरा कर ढेर हो जाती है। जब तक 100 लोगों का रजिस्ट्रेशन होता है चिकित्सालय बंद हो जाता है। 200 लोग अपनी जांच के परचेंको लेकर अगले दिन फिर आने को मजबूर होते है। ऐसी दशा में यदि काउंटर की संख्या बढ़ा दी जाए तो लोगों को राहत मिलने की संभावना है।

9 माह से बंद पड़ा है सीटी स्कैन, मरीज ऊंचे दामों पर निजी जांच केंद्रो की शरण को मजबूर

विगत नौ माह से संबद्ध चिकित्सालय की सीटी स्कैन सेवा पूर्ण रूप से ठप्प पड़ी है। चिकित्सालय में मशीनों की देखभाल रखरखाव मेंटिनेंस सेवा देखने वाली फर्म सायरस इंफोटेक ने 6 माह पूर्व इसकी जांच में पाया था कि सीटी स्कैन मशीन का रिम खराब हो गया है। मशीन में लगा यह महत्त्वपूर्ण पार्ट सीमेंस कंपनी का ओल्ड मॉडल है। नए मॉडल में अब इस तरह के पार्ट उपलब्ध नहीं है। जिसके बारे में कंपनी ने चिकित्सा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य को कोटेशन भेजा है। लेकिन कागजी कार्यवाही है कि 9 माह से पूरी ही नही हो पा रही है। जिला चिकित्सालय से लेकर संबद्ध चिकित्सालय हो जाने तक यह सेवा पूरी तरह ठप्प है। मरीज ऊंचे दामों पर निजी जांच केंद्रो पर सीटी स्कैन कराने को मजबूर है। चिकित्सालय प्रशासन आंखे मूंदे सो रहा है।

500 मिनी एम्पियर क्षमता का एक्सरे प्रिंटर हुआ खराब, नही मिल रही मरीजों को फिल्म

कहते है कि दर्द कहां हो रहा है, एक जगह हो तो बताया जाए, चिकित्सा सेवा से चिकित्सा शिक्षा होने पर को दर्द जिले के लोग सह रहे है उसकी कीमत लोगों को अपनी जान गंवा कर चुकानी पड़ रही है।कई दिनों से क्षेत्री निदान केंद्र स्थित 500 मिनी एम्पियर क्षमता वाले एक्सरे मशीन का प्रिंटर खराब पड़ा हुआ है। इस मशीन से पुलिस मेडिको लीगल के साथ ही अन्य दुर्घटनाग्रस्त मरीजों का एक्सरे।किया जाता है। लगभग एक माह से भी अधिक समय होने को है लेकिन अभी तक यह प्रिंटर नही बन सका। इसके कारण मरीजों को एक्सरे फिल्म नही मिल रही है। फिलहाल पुलिस मेडिको लीगल वा अन्य जांच मरीजों को नई बिल्डिंग में वैकल्पिक रूप से उपलब्ध कराई गई है।

दो माह से नहीं मिली अल्ट्रासाउंड की फिल्म

अब बात करते हैं संबद्ध चिकित्सालय में जांच के नाम पर हो रहे अल्ट्रासाउंड की तो यहां भी स्थिति बदतर है। मरीजों को कभी अल्ट्रासाउंड की फिल्म रिपोर्ट मिलती है, कभी नहीं मिलती यह सिलसिला बदस्तूर जबसे संबद्ध चिकित्सालय हुआ है तबसे जारी है। फिलहाल यह समस्या अभी दो माह पूर्व से ही शुरू हुई है।जांच के लिए आए कई मरीजों ने बताया की यहां अक्सर अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट कागज पर ही लिख कर दे दिया जाता है। फिल्म नही मिलती। रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर पवन गुप्ता का कहना है कि फिल्म अभी जल्द ही खत्म हुई है। इंडेंट डी दिया गया है शीघ्र ही फिल्म मरीजों को मिलने लगेगा।

इन सभी मामलों को।लेकर जब संबद्ध चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉक्टर वीके गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने इस विषय पर इनकार करते हुए कहा कि यह मामला वित्तीय अधिकारों से जुड़ा हुआ है और उनके पास इसकी पॉवर नही है। बेहतर होगा कि आप नोडल डॉक्टर कुलदीप पांडे से इस विषय पर बात करें। जब उनसे फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह एक आवश्यक कार्य से बाहर है, आने पर ही बात संभव है।

यहाँ ये भी बताना आवश्यक है की अभी एक दिन पूर्व भी ज़ब चिकित्सालय के रोगियों को हो रही गंभीर समस्याओं को लेकर नोडल से बात की गई तब भी उनका जवाब वही था जो आज है और ये जवाब स्पष्ट सन्देश दे रहा है की आम जनता को सुविधा मिले न मिले, उनका जीवन रहे न रहे नोडल अधिकारी डा0 कुलदीप का इससे कुछ लेना देना नहीं, उन्हें तो अपने उस आवश्यक कार्य से ही लेना देना है जिसके लिए वे सैर पर निकले हुए हैं।

About the author

अशफ़ाक़ शाह

(संवाददाता)

aplikasitogel.xyz hasiltogel.xyz paitogel.xyz
%d bloggers like this: