उत्तर प्रदेश गोंडा धर्म संस्कृति

2026 गायत्री परिवार का शताब्दी वर्ष, जन जन तक अलख जगाने की तैयारी प्रारम्भ, आयोजित होंगे विविध कार्यक्रम

25 से 09 सितम्बर तक सभी ब्लॉक में दीप महायज्ञ का आयोजन

गोंडा। अखण्ड ज्योति एवं परम वन्दनीया माताजी के दिव्य अवतरण के 100 वर्ष पूर्ण होने पर 2026 के शताब्दी वर्ष आयोजन की दृष्टि से ‘ज्योति कलश यात्रा’ का उद्देश्य है, एक दीप से दूसरा दीप जलाना, जब तक संपूर्ण विश्व दीपमय न हो जाए।

सन 1926 केवल एक वर्ष नहीं अपितु एक दिव्य अवतरण का वर्ष है। इसी वर्ष धरती पर दो दिव्य सत्तायें, युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा अखंड ज्योति द्वारा प्राकट्य व एवं वन्दनीया माता भगवती देवी शर्मा का अवतरण, दोनों ही विराट योजना का सूत्रपात हैं।वर्ष 2026 में इन दिव्य सत्ताओं के आगमन के शताब्दी वर्ष की पूर्णता हो रही है। यह केवल एक तिथि नहीं, एक आवाहन, एक अवसर है, जिसमें उनके उद्देश्यों के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना, उनकी युग निर्माण योजना को सक्रिय करना और शताब्दी वर्ष को एक वैचारिक पर्व के रूप में मनाना है।

ज्योति कलश यात्रा इस शताब्दी वर्ष की आध्यात्मिक तैयारी है,ताकि हर साधक इसे जीवन का पुनर्निर्माण करने का अवसर बनायें। गोंडा जनपद वासियों का सौभाग्य जगाने जिला गायत्री परिवार ट्रस्ट गोंडा के नेतृत्व में दिनांक 25 अगस्त 2025 से 9 सितंबर 2025 तक जनपद के सभी ब्लॉकों में व नगर के विभिन्न क्षेत्रों में जन जागरण हेतु स्वागत और दीप महायज्ञ के कार्यक्रम निश्चित किए गए हैं। सभी कार्यकर्ता प्राणप्रण से नवयुग निर्माण हेतु आरही ज्योति कलश यात्रा की जिम्मेदारी का निर्वहन करने के लिए संकल्पित हुए हैं।
यात्रा का उद्देश्य है,

अखण्ड ज्योति के अखण्ड प्रकाश को प्रचण्ड बनाने की भावना से,
पूज्य गुरुदेव के प्रज्वलित विचारों की अखण्ड ज्योति,जो उनके तप, साधना और आत्मबल से प्रज्वलित हुई है,उसे और अधिक प्रचण्ड, प्रभावशाली और प्रेरक बनाया जाए। यह यात्रा केवल प्रतीक नहीं है बल्कि यह संवेदनशील साधकों का संकल्प है, जो अपने जीवन को एक चलती -फिरती अखण्ड ज्योति बना देना चाहते हैं। यह आह्वान है कि हम सब मिलकर इस ज्योति को और व्यापक, और तेजस्वी बनाएं ताकि यह तम को हरने वाली शक्ति जन-जन तक पहुँच सके।

ऋषियुग्म की तप, त्याग, तितिक्षा के साक्षी अखण्ड ज्योति के प्रकाश को जन-जन तक, घर-घर तक, केन्द्रों एवं संस्थानों तक पहुंचाने की भावना से,पूज्य गुरुदेव और परम वन्दनीया माताजी यह युगऋषि युग्म के तप, त्याग, और तितिक्षा से उत्पन्न हुआ प्रकाश अखण्ड ज्योति कोई साधारण प्रकाश नहीं, यह युगनिर्माण का दिव्य तेज है।
इस तेज को लेकर, यह यात्रा निकली है ताकि घर-घर, मन-मन,केन्द्र -केन्द्र, संस्थान- स्थान सब कहीं यह दिव्य प्रकाश पहुँचे। यह प्रयास है कि हर हृदय में वह तपस्वी भाव जगे, हर परिवार में आदर्श निर्माण हो और हर संस्था इस युग निर्माण यज्ञ की सक्रिय इकाई बने।

जिन घरों, जिन मनों तक पूज्य गुरुदेव के विचारों को पहुंचाना अभी शेष है, वहाँ तक पहुँचाने की भावना से आज भी कई ऐसे घर, कई ऐसे मन हैं जो पूज्य गुरुदेव के विचारों, उनके साहित्य, उनके संकल्पों और युगधर्म के आवाहन से अछूते हैं। यह ज्योति कलश यात्रा एक ऐसा माध्यम है जिससे उन तक संस्कार, साधना और सेवा का आलोक पहुँचे।

यह यात्रा मनुष्यता को जगाने की, हृदयों को संवेदन शील बनाने की और जीवन को तपोमय दिशा में मोड़ने की एक सशक्त पहल है। यह एक विनम्र आव्हान है उन हृदयों हेतु जो अभी भी आलस्य, अविश्वास या अज्ञान के पर्दों में घिरे हुए हैं। अखण्ड ज्योति एवं परम वन्दनीया माताजी के दिव्य अवतरण वर्ष 1926 के 100 वर्ष पूर्ण होने पर 2026 के शताब्दी वर्ष की तैयारी भी है । देव मानवों को जोड़ना वह कार्य है जो साधकों के लिए संभव है। देव मानवों को जोड़ना हमारा युगधर्म है।

इन पाँच कार्यों में से पहले चार कार्य ऋषिसत्ता स्वयं संभाल रही है।
परंतु पाँचवाँ कार्य देव मानवों को जोड़ना हम सब साधकों का धर्म है।
हम उन आत्माओं को खोजें जो निःस्वार्थ, आदर्शवादी, सेवाभावी,सत्यप्रिय हैं,उन्हें युग चेतना से जोड़ें। उन्हें युग निर्माण के महायज्ञ का आहुति दाता बनाएं। हर साधक एक युगदूत बनकर देवत्व को जगाने वाला दीपक बन जाए। देवस्थापना के लिए घर-घर में युग चेतना का प्रतिष्ठापन घर के दरवाजे की घण्टी से लेकर पूजा घर की घण्टी तक,हर घर में गायत्री चेतना का दीप प्रज्वलित हो। हर मन में श्रद्धा, हर आँगन में संस्कार, यही पूज्य गुरुदेव की कल्पना का युगनिर्माण है।

ब्रह्मकमल के जो बीज गुरुदेव ने बोए हैं,हमारा कर्तव्य है कि हम उन्हें ढूँढें, और उन्हें भाव, सेवा, श्रम,साहित्य, यज्ञ और संस्कार से सींचें। उपरोक्त कार्यक्रमों को लेकर गायत्री शक्तिपीठ की मुख्य प्रबंध ट्रस्टी पुष्प त्रिपाठी ने बताया जिला समन्वयक ठाकुर प्रसाद तिवारी और व्यवस्थापक रामतेज मिश्रा,भूपेंद्र प्रकाश आर्य,अनूप श्रीवास्तव, विनोद शर्मा,पंकज तिवारी आदि निरंतर कार्यकर्ताओं के बीच गोष्ठियों के माध्यम से कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति में लगे हुए हैं।

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राजेंद्र सिंह

राजेंद्र सिंह (सम्पादक)

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