अधिकारियों के आवास पर काम करती थी माँ और बेटी
पी डब्लू डी इंजिनियर से हो गए थे बेटी के अवैध सम्बन्ध
रोडा बनी माँ को हटाने के लिए दोनों ने दिया था हत्या को अंजाम
शाहजहाँपुर। पति की निधन के बाद अपनी और युवा बेटी के पेट की आग बुझाने के लिए जिस माँ ने लोगो के घरों में काम करना स्वीकार कर लिया हो उसी माँ को उसी की बेटी महज अवैध सम्बन्ध को छुपाने के लिए मौत के घाट उतार दे, अपने आप में जितना दुःखद है उतना ही सोचनीय भी, यही नहीं प्रेमी के साथ मिलकर हत्या के बाद शव को तेज़ाब से जलाया भी गया, हालांकि घटना के दो वर्ष बाद हत्यारिन बेटी और उसके इंजिनियर प्रेमी को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुना दी है।
अपने आप में घटना जितनी दर्दनाक हैं उतनी ही सोचनीय की अवैध सम्बन्ध किस तरह खून के रिश्तों पर भारी पड़ते जा रहे हैं, फिलहाल घटना में माँ रामबेटी और उनकी बेटी पुष्पा जो अधिकारियों के मकान पर खाना बनाने के साथ अन्य कुछ काम कर अपना जीविकोपार्जन करने के दौरान उस समय घटी ज़ब सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता राकेश कुमार के आवास पर काम करने वाली पुष्पा और राकेश पास आ गए।
दोनों की नजदीकियों की जानकारी रामबेटी को होने पर उसने विरोध किया क्योंकि उसे पता था की राकेश की शादी हो चुकी है लेकिन विवाद के चलते उसको पत्नी उसके साथ नहीं रहती, लेकिन अवैध सम्बन्ध के जूनून ने पुष्पा की आंख पर जहाँ पट्टी बांध दी थी वहीं यह जूनून इस कदर उसपर हावी हो गया था की उसने अपनी माँ को रास्ते से हटाने का निर्णय ले लिया।
हत्या की योजना को वर्ष 2023 के जुलाई माह की 27 तारीख़ को उस समय अंजाम दिया गया ज़ब राकेश ने सोती हुई रामबेटी के सिर पर लोहे के रॉड से वार किया, इसके बाद दरिंदगी की पराकाष्ठा पार करते हुए पुष्पा और राकेश ने शव पर तेज़ाब डालकर उसे जलाया।
घटना की प्राथमिकी रामबेटी के बेटे ने दर्ज कराई थी जिसकी विवेचना के बाद आये तथ्यों के आधार पर दो वर्ष चले मुक़दमे के बाद आज सहायक अभियंता राकेश कुमार के साथ पुष्पा को न्यायालय ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।