थाने ने पहले ही कुछ न होने का सुना रखा है फरमान, मुकदमा दर्ज करने के कर दिया इंकार
देखिए क्या कह रहे मृत बच्ची वैष्णवी के नाना जगतपाल वर्मा
उमरीबेगमगंज (गोण्डा)। अपर पुलिस अधीक्षक सहित थाने की पुलिस के सामने पूरी तरह बंद सोख्ते से निकली मासूम की लाश के बाद भी मुकदमा दर्ज कर कार्यवाई की बात तो दूर उल्टे पीड़ित पर नामजद तहरीर न देने का डाला जा रहा दबाव उच्चाधिकारियों के कर्त्तव्यनिष्ठा पर सवालिया निशान लगा रहा है।
अपने आप में हैरान करने वाली ये घटना थाने के मंगुरा बाजार में उस समय घटी ज़ब पीड़ित श्रीमती आशा देवी की दो नातिन अंजलि और वैष्णवी अमरबहादुर पुत्र रामसूरत के घर खेलने गईं, कुछ देर बाद अंजलि तो वापस आ गईं लेकिन वैष्णवी नहीं आई, ज़ब आशादेवी वैष्णवी को लाने अमरबहादुर के घर पहुंची तो वो वहाँ नहीं मिली।
हर तरफ खोजबीन के बाद भी वैष्णवी का पता न चलने पर मिली सूचना पर पहुंची पुलिस द्वारा की गईं तलाश में अमरबहादुर के सोख्ते से वैष्णवी की लाश बरामद हुई।
वैष्णवी के नाना जगतपाल वर्मा ने मीडिया को बताया की खोजबीन और लाश की बरामदगी के समय अपर पुलिस अधीक्षक सहित थाने की पुलिस भी वहां मौजूद थी, जिस सोख्ते से लाश बरामद हुई वो अमरबहादुर का है और लाश बरामदगी से पहले पूरी तरह ढका हुआ तो था ही सोख्ते के ऊपर लकडियों का ढेर भी रखा था। जगतपाल का कहना है की थाना पुलिस ने अपर पुलिस अधीक्षक के आदेश पर ही मुकदमा दर्ज करने की बात कही जिस पर ज़ब अपर पुलिस अधीक्षक से संपर्क किया गया तो उन्होंने नामजद तहरीर न दिए जाने का दबाव डाला।
जगतपाल ने ये भी बताया की ज़ब अज्ञात के विरुद्ध तहरीर लेकर थाने गए तो वहाँ थानाध्यक्ष द्वारा कहा गया की इस मामले में कुछ होगा नहीं मुकदमा दर्ज करने का कोई फायदा नहीं और हमें वहां से चले जाने को कह दिया।
पूरे मामले में सबसे खास बात तो ये है की लाश बरामदगी के समय मौक़े पर मौजूद तीन प्रत्यक्षदर्शियों विकास वर्मा, बबलू वर्मा और रमेश वर्मा ने पुलिस अधीक्षक को शपथपत्र देकर घटना की पुष्टि और स्थिति के आधार पर बच्ची के हत्या किये जाने की बात कही है लेकिन अपर पुलिस अधीक्षक और थानाध्यक्ष उमरीबेगमगंज द्वारा अपनाया जा रहा रवैया घटना को कोई और मोड़ देने का प्रयास करता प्रतीत हो रहा है जो न तो आम जनता के हित में और न ही पुलिस विभाग की प्रतिष्ठा के हित में है।
फिलहाल जहाँ पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए मृतक बच्ची वैष्णवी की नानी श्रीमती आशा देवी ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय किये जाने की गुहार लगाई है वहीं नाना जगतपाल वर्मा ने घटना की जाँच अपराध शाखा से कराने की बात कहते हुए अपर पुलिस अधीक्षक और थाना उमरीबेगमगंज पुलिस भरोसा न होने की बात कही।
