आतंरिम ज़मानत के लिए लगाई याचिका, अधिवक्ताओं में हलचल
रंजिश और पेशागत प्रतिधवंन्धिता को अध्यक्ष ने बताया मुक़दमे का आधार

नोयडा। हाल ही में निर्वाचित हुए बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अपनी अध्यक्षी का आनंद लेना शुरू भी नहीं कर पाए थे की दर्ज मुक़दमे ने पद पर तो ग्रहण लगा ही दिया साथ ही उनके अधिवक्ता के रूप में सेवा देने पर रोक लगने की सम्भावना भी बलवती कर दी है।

मामला ज़िला बार एसोसिएशन के नवनियुक्त अध्यक्ष मनोज भाटी से जुड़ा है जिनपर पिछले सप्ताह फर्जी डिग्री, धोखाधड़ी को लेकर मुकदमा दर्ज किया गया है, उनपर ये भी आरोप है की उन्होंने पेशेगत लाभ के लिए नकली प्रपत्रों का भी प्रयोग किया है।

नोयडा के थाना नॉलेज पार्क में दर्ज मुक़दमे में पुलिस ने अब जाँच तेज कर दी है, उनपर लगाए गए आरोपों में कहा गया है की उन्होंने अपने को योग्य अधिवक्ता के रूप में सामने लाने के लिए जिन प्रपत्रों का प्रयोग किया है वे सभी नकली और कूटरचित ढंग से बनाये गए हैं, उन्होंने इन नकली प्रपत्रों के आधार पर सामाजिक और व्यावसायिक लाभ भी उठायें हैं।

थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने मिली शिकायतों के आधार पर मनोज भाटी पर धारा 420, 467, 468 और 471 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की है, अध्यक्ष भाटी पर दर्ज मुक़दमे को लेकर जिले के अधिवक्ताओं सहित आम जनमानस में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, लोग ये भी कहते दिखाई दे रहे हैं की जिस वर्ग पर आम जनता को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी है ज़ब वहीं वर्ग और उसका मुखिया फर्जी कार्यों में लिप्त होगा तो वो अपने पेशे से न्याय कैसे कर पायेगा वहीं दूसरी ओर श्री भाटी के समर्थक उन्हें गलत तरीके से फंसाए जाने की बात कह रहे हैं।

हालांकि मनोज भाटी ने अपने को निरपराध बताते हुए न्यायलय में गिरफ़्तारी से राहत देने के लिए प्रार्थना पात्र दिया है, अब देखना ये है की न्यायालय का इस मामले में क्या रुख होता है।

You must be logged in to post a comment.