अपनी जगह फर्जी को बिठा डॉक्टर कर रहा था मौज
प्रिंसिपल, डॉक्टर और सी एम एस आये जिलाधिकारी की राडार पर
हो सकती है बड़ी कार्यवाई
बिजनौर। प्रदेश की आम और गरीब जनता को सम्पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा सहज़ उपलब्ध कराने की मंशा से योगी सरकार ने प्रदेश के सभी जनपदों को मेडिकल कालेज का उपहार तो दे दिया लेकिन व्यवस्थागत खामियों ने इसे डाक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारीयों के लिए अवैध धन उगाही का जरिया बना दिया है, जिसका प्रमाण आये दिन आने वाली भ्रस्टाचार के अनोखे अनोखे कारनामें दे रहे हैं।

इन्ही अनोखे भ्रस्टाचारी कारनामों की अनूठी और नई पोल उस समय खुली ज़ब रोगी को बार बार एक ही दवा लिखें जाने से फार्मसिस्ट को शंका हुई।
भ्रस्टाचार के इस अनूठे खेल का मामला जिले के मेडिकल कालेज से जुड़ा है, मिली जानकारी के अनुसार यहाँ एक डाक्टर पिछले चार पांच माह से बाकायदा डॉक्टर तुषार के ओ पी डी में बैठकर रोगियों को देख रहा था साथ ही उन्हें दवा भी लिख रहा था, गलती उससे ये हुई की वो रोगियों को एक ही दवा बार बार लिखता था जिससे मेडिकल कालेज में तैनात फार्मसिस्ट राजेश को शंका हुई की कुछ तो गड़बड़ है।

अपनी शंका की पुष्टि के लिए फार्मसिस्ट राजेश ने सीनियर डाक्टर राजीव रस्तोगी से संपर्क किया और उनके साथ डा तुषार के कक्ष में पहुंचे वहां उन्होंने देखा की कुर्सी पर डा तुषार के स्थान पर एक अनजान व्यक्ति बैठा था और मुँह पर मास्क लगाए रोगियों को देख और दवा लिख रहा था।

गज़ब तो ये हुआ की ज़ब उससे जानकारी ली गईं तो उसने बिना किसी झिझक के डा तुषार का नाम लेते हुए कहा की उन्होंने ही उसे यहाँ बैठने, रोगियों को देखने और दवा लिखने को कहा है, ये सुनते ही डा राजीव रस्तोगी और फार्मसिस्ट राजेश के पैरों तले ज़मीन खिसक गईं। डा राजीव ने ज़ब उससे उसका नाम पूछा तो उसने बताया की वह इंटर पास है और नाम दिनेश बताया।

हैरानी की बात तो ये हुई की मामले को बढ़ता देख वहाँ लगी भीड़ का लाभ उठाकर दिनेश वहाँ से फरार हो गया। भ्रस्टाचार के इस अनोखे मामले की जानकारी जिलाधिकारी जसजीत कौर को होने पर उन्होंने मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल, सी एम एस और आरोपी डा तुषार के विरुद्ध कार्यवाई के लिए शासन कोपत्र लिखें जाने की बात बताई।

खास बात तो ये है की बिजनौर मेडिकल कालेज में व्याप्त भ्रस्टाचार की ये कोई पहली घटना नहीं है हाँ ये जरूर है की भ्रस्टाचारी डाक्टरों और अधिकारियों द्वारा ये जो तरीका अपनाया गया है ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
