चौकी प्रभारी सहित आरोपी दरोगा निलंबित, गैंगरेप की शिकायत पर बरती गईं थी लापरवाही
दरोगा अमित मौर्य है मुख्य आरोपी
कानपुर। नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत पर कार्यवाई के स्थान पर पीड़िता के भाई को चौकी से भगाने और दबाव में दर्ज मामले में पाकसो अधिनियम की धाराओं को न जोड़ना चौकी प्रभारी, दरोगा सहित डीसीपी और एसीपी पर इतनी भारी पड़ेगी इसका अंदाजा किसी ने भी नहीं लगाया था।

मामला विगत सात जनवरी की देर रात का है ज़ब लगभग दस बजे सचेडी थांनांतर्गत निवासी एक १४ वर्षीय नाबालिग को दुष्कर्म का शिकार होना पड़ा, बताया जाता है नाबालिग को जबरन स्कॉर्पियो में बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनाया गया। दुष्कर्मियों की पकड़ से छूटने के बाद घर पहुंची बालिका ने अपने भाई को अपने साथ घटी घटना से अवगत कराया, खास बात तो ये थी की बकौल पीड़िता, बालात्कारियों में एक पुलिसकर्मी भी शामिल था।

अपनी बहन पर हुए अत्याचार की शिकायत करने ज़ब युवक भीमसेन चौकी पहुंचा तो गंभीर घटना पर कार्यवाई और बालिका को न्याय दिलाना तो दूर उल्टे पुलिसकर्मियों ने युवक को ही डरा धमका कर चौकी से भगा दिया। बाद में ज़ब घटना उच्चाधिकारियों के सज्ञानं में आई तब जाकर मामला दर्ज किया गया लेकिन यहाँ भी पुलिस ने खेल करते हुए पाकसो की धारायें नहीं लगाई जिसका कारण घटना में दरोगा स्तर के एक अधिकारी का शामिल होना था।

मामले में ए डी सी पी पश्चिम कपिलदेव द्वारा की गईं जाँच में स्पष्ट हो गया की आरोपियों में दरोगा अमित मौर्य सहित एक यूट्यूबर शिवबरण यादव शामिल था जिसके आधार पर दरोगा अमित मौर्य को तुरंत निलंबित कर दिया गया। यही नहीं ज़ब जाँच आगे बढ़ी तो मामले में डी सी पी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी, ए सी पी शिखर यादव की भी लापरवाही उजागर हुई जिन्हे लाइन हाजिर कर दिया गया साथ ही आरोपी दरोगा अमित मौर्य और भीमसेन चौकी प्रभारी दिनेश कुमार को निलंबित करने के साथ फरार आरोपी दरोगा की गिरफ़्तारी के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

पुलिस कमिश्नर विनोद सिंह के हस्तक्षेप के बाद हुई कार्यवाही के बाद पीड़िता को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर उसका बयान कराया गया जिसमे उसे पुलिस सुरक्षा में घर भेजा गया जहाँ दो सुरक्षाकार्मियों की तैनाती कर दी गईं है

