ढोल की थाप पर स्कूली बच्चों एवं कॉलेज स्टाफ संग थिरके कॉलेज प्रबंधक

लखनऊ | गुरुद्वारा नाका हिंडौला स्थित खालसा इंटर कॉलेज में लोहड़ी एवं मकर संक्रांति पर्व का संयुक्त उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया | सजी हुई रंगोली के बीच में अलाव जलाया गया |

विद्यालय प्रबंधक स. राजेन्द्र सिंह बग्गा एवं नाका क्षेत्र के वरिष्ठ व्यापारी राजेन्द्र सिंह दुआ ने अग्नि में तिल, रेबड़ी, गुड़, मूंगफली व पोपकॉर्न को प्रवाहित किया |

रंग बिरंगी स्वदेशी झालरों एवं पतंगों से सजे विद्यालय परिसर में कॉलेज की छात्राओं ने अपनी रंग बिरंगी पौशाक में ढोल की थाप पर मनमोहक भाँगड़ा नृत्य किया | छात्र -छात्राओं का उत्साह देखते ही बन रहा था |

स्कूली बच्चों के आग्रह पर विद्यालय प्रबंधक स. राजेन्द्र सिंह बग्गा, प्रधानाचार्य स. वीरेन्द्र सिंह, नाका क्षेत्र के वरिष्ठ व्यापारी स. राजेन्द्र सिंह दुआ सहित विद्यालय के शिक्षक, शिक्षिकाओं व कर्मचारियों ने भी भाँगड़ा नृत्य कर बच्चों के उत्साह को दुगना कर दिया |

कॉलेज प्रबंधक ने लोहड़ी के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए इसे एक सामाजिक त्यौहार बताया | उन्होने बताया कि पंजाब का यह विशेष खुशी से भरा त्यौहार है | परिवार में नई शादी, बच्चे के जन्म पर पूरे परिवार में लोहड़ी मनाई जाती है |

अलाव जलाकर परिवार के सदस्य अग्नि में गुड़, तिल,रेबड़ी, मूंगफली इत्यादि अर्पित करते हैँ एवं उत्साह के साथ ढोल की थाप पर भाँगड़ा एवं गिद्धा के लोक नृत्य के साथ अपनी खुशी का इजहार करते हैँ |

यह त्यौहार दुल्ला भट्टी और सुंदरी – मुंदरी की कथा से भी जुड़ा त्यौहार है | मुगल काल में दुल्ला भट्टी ने साहस का परिचय देते हुए मुग़ल सरदार के जुल्म से सुंदरी – मुंदरी दो बहनो को मुक्त कराकर भाई के रूप में कन्या दान कर उनका विवाह कराया | तभी से “सुन्दर मुंदरिये हो, तेरा कौन विचारा हो ” लोक गीत गाकर दुल्ला भट्टी को याद किया जाता है |

कार्यक्रम समापन पर अतिथियों एवं बच्चों को रेबड़ी, मूंगफली पोपकॉर्न का प्रसाद वितरित किया गया | कॉलेज प्रधानाचार्य स. वीरेन्द्र सिंह ने सभी को लोहड़ी की बधाई देते हुए आभार व्यक्त किया |
