जनपद में अवैध खनन करने वालों पर प्रशासन ने की बड़ी कार्रवाई
अवैध खनन मामले में 79.90 लाख का किया गया जुर्माना
गोण्डा। जिलाधिकारी को प्राप्त विशेष सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर तहसील तरबगंज क्षेत्र में अवैध खनन के एक गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। प्राप्त सूचना के अनुसार उपजिलाधिकारी तरबगंज, हल्का लेखपाल श्री संतोष श्रीवास्तव तथा थानाध्यक्ष नवाबगंज की संयुक्त जानकारी में यह तथ्य सामने आया कि मे० सीगल इण्डिया द्वारा स्वीकृत शर्तों का उल्लंघन करते हुए अवैध खनन किया जा रहा है।

मे० सीगल इण्डिया, जिसका कार्यालय द्वितीय मंजिल जे०एम०के० टावर, कपशेरा, साउथ वेस्ट दिल्ली में स्थित है तथा पंजीकृत कार्यालय A-898 टैगोर नगर, लुधियाना, पंजाब एवं कॉर्पोरेट कार्यालय प्लाट नं० 452 उद्योग विहार फेज-5, गुड़गांव में है, को तहसील तरबगंज के ग्राम दुर्गागंज में स्थित विभिन्न गाटा संख्याओं पर कुल 2.533 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 29,636 घन मीटर साधारण मिट्टी के खनन की अनुमति दिनांक 13.12.2025 से 12.03.2026 तक अयोध्या बाईपास रिंग रोड निर्माण हेतु प्रदान की गई थी।

जांच के दौरान यह पाया गया कि अनुज्ञाधारक फर्म द्वारा स्वीकृत क्षेत्र से मिट्टी खनन न कर नदी तल से बालू का अवैध खनन किया जा रहा था। मौके पर की गई पैमाइश में को-ऑर्डिनेट N 26°49’42”, E 82°8’56” पर लगभग 18,600 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में औसतन 1.10 मीटर गहराई तक कुल 20,460 घन मीटर बालू का अवैध खनन किया जाना पाया गया। अवैध रूप से निकाली गई बालू को निर्माणाधीन अयोध्या बाईपास रिंग रोड में प्रयोग किया गया।
यह कृत्य उत्तर प्रदेश उपखनिज परिहार नियमावली 2021 के नियम 3, 58 एवं 72 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 4 एवं 21 का स्पष्ट उल्लंघन है, जो दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। साथ ही, सरकारी संपत्ति की चोरी किए जाने के कारण लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 की धारा 2/3 का भी उल्लंघन किया गया है।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी दिनांक 18.11.2025 को मे० सीगल इण्डिया द्वारा ग्राम तुलसीपुर माझा में मिट्टी के अवैध खनन एवं परिवहन के मामले में फर्म के 07 डम्पर एवं एक पोकलेन मशीन को थाना नवाबगंज की अभिरक्षा में लिया गया था, जिसमें फर्म द्वारा अधिरोपित जुर्माने की धनराशि जमा की गई थी। इसके बावजूद फर्म द्वारा पुनः अपराध की पुनरावृत्ति की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि संबंधित फर्म अवैध खनन की आदी है।

अतः उपरोक्त तथ्यों के आधार पर अनुज्ञाधारक मे० सीगल इण्डिया के अधिकृत प्रतिनिधि श्री विकासमणि त्रिपाठी, निवासी पृथ्वीपुर हंडिया, प्रयागराज (इलाहाबाद), उत्तर प्रदेश के विरुद्ध खान एवं खनिज अधिनियम 1957, लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट किया गया है कि अवैध खनन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी तथा किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

खनन अधिकारी गोण्डा डॉक्टर अभय रंजन ने बताया है कि संबंधित फर्म का चार और परमिशन था जिसे निरस्त करने के लिए कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है।
