
इंदौर (मप्र)। मातृभाषा हिन्दी की प्रतिष्ठा में अभिवृद्धि के निमित्त हिन्दीभाषा डॉट कॉम परिवार द्वारा निरंतर स्पर्धा कराई जा रही है। इसी श्रृंखला में ‘शूरवीर भारतीय सेना’ विषय पर 103वीं प्रतियोगिता कराई गई। इसमें पद्य में प्रथम विजेता बनने का सौभाग्य वंदना जैन ‘शिव्या’ को मिला है।

परिणाम जारी करते हुए यह जानकारी मंच-परिवार की सह-सम्पादक श्रीमती अर्चना जैन और संस्थापक-सम्पादक अजय जैन ‘विकल्प’ ने दी है। श्रीमती जैन ने बताया कि, श्रेष्ठता अनुरुप निर्णायक मंडल ने ‘ऐसा गदर चाहिए’ रचना हेतु ‘शिव्या’ (मुम्बई, महाराष्ट्र) को पहला स्थान दिया है।

इसी वर्ग में ‘विजय दिवस अभिमान’ रचना पर सीमा जैन ‘निसर्ग’ (खड़गपुर, प.बंगाल) द्वितीय विजेता हैं, जबकि पद्मा अग्रवाल (बैंगलोर, कर्नाटक) को रचना ‘नमन है देश के वीरों का’ पर तीसरा विजेता घोषित किया गया है।

मंच संयोजक प्रो.डॉ. सोनाली सिंह, मार्गदर्शक डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’, परामर्शदाता डॉ. पुनीत द्विवेदी (मप्र), विशिष्ट सहयोगी एच.एस. चाहिल व प्रचार प्रमुख श्रीमती ममता तिवारी ‘ममता’ (छग) ने सभी सहभागियों को हार्दिक बधाई दी है।

श्रीमती जैन ने बताया कि, हिंदी साहित्य अकादमी (मप्र) से अभा नारद मुनि पुरस्कार-सम्मान एवं 1 राष्ट्रीय कीर्तिमान प्राप्त 1.55 करोड़ 40 हजार दर्शकों-पाठकों के अपार स्नेह और 10 सम्मान पाने वाले इस मंच द्वारा आयोजित उक्त स्पर्धा में गद्य वर्ग में निरंकता है।

