केंद्रीय मंत्री के लिखें कई पत्रों को भी डस्टबिन में डाला मांझी सरकार ने
अपनी ही पार्टी की सरकार नहीं सुन रही केंद्र की बात, 29 करोड़ का हो चुका है बकाया
भुवनेश्वर (ओड़िसा)। सरकार पर भारत संचार निगम के बकाये को चुकाने के पैसे नहीं लेकिन विधायकों की सेलरी तीन गुना कर देने का अनोखा मामला कहीं और का नहीं बल्कि भाजपा की चल रही ओड़िशा की माँजी सरकार का है, माँजी सरकार ने केंद्रीय संचार मंत्री के लिखें तीन पत्रों को भी कोई महत्त्व नहीं दिया।
अपने आप में हैरान करने वाला ये मामला बड़े बड़े दावे करने वाली भाजपा और उसकी ओड़िसा सरकार का है, मिली जानकारी के अनुसार मोहन चरण मांझी की ओड़िसा सरकार पर पिछले काफ़ी समय से भारत संचार निगम का बकाया चल रहा है जो अब बढ़कर लगभग 28 करोड़ हो चुका है यही नहीं बकाया भुगतान के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मांझी सरकार को इस बावत तीन तीन पत्र भी लिखें लेकिन उन्हें भी मांझी सरकार ने डस्टबिन के हवाले कर दिया।
सबसे हैरानी की बात तो ये है की माँजी सरकार ने पिछले माह अपने विधायकों के वेतन में बम्पर वृद्धि करते हुए उसे तीन गुना बढ़ा दिया जो अब भारत में विधायकों को मिलने वाला सबसे अधिक वेतन हो गया है, सोचने वाली बात तो ये है की सरकार अपने ही संस्थान के सुचारु संचालन में सहयोग की जगह बाधा उत्पन्न क्यों कर रही है, ज्ञात हो की ओड़िशा में भी भाजपा की सरकार है और केंद्र में भी भाजपा की ही सरकार चल रही है। जानकारी के अनुसार माँजी सरकार पर बी एस एन एल का ये बकाया जिन विभागों पर सबसे ज्यादा है उनमे एक नंबर पर प्रदेश का जनसंपर्क विभाग है जिस पर लगभग ८. ६० करोड़ की धनराशि बाकी है, दूसरे नंबर पर प्रदेश का क़ानून विभाग है जिसपर लगभग ४.४० करोड़ बकाया है, इसके अतिरिक्त कई अन्य विभाग है जिनपर बकाया एक करोड़ से अधिक है।
