दर्जन भर लोग गंभीर घायल, व्यवस्था पर लगा प्रश्नचिन्ह
सूरजकुण्ड (हरियाणा)। देश में लगने वाले बड़े मेलों में से एक सूरजकुण्ड मेले में घटी हृदयविदारक घटना ने दर्जनों लोगो को जहाँ अस्पताल की शरण लेने को विवश कर दिया वहीं व्यवस्था में लगे एक बहादुर पुलिस निरीक्षक की मौत ने प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।
ज्ञात हो की सूरजकुण्ड में हर वर्ष एक बड़ा मेला लगता है जिसमे प्रदेश ही नहीं देश भर से लोग मेले का आनंद लेने के लिए आते हैं, मेले में लोगो के मनोरंजन के लिए कई प्रकार के झूले भी लगाए गए थे जिनमे एक सुनामी नाम का भी झूला था जिसके संचालकों की लापरवाही और प्रशासनिक जिम्मेदारों की ध्रुतराष्ट्री नीति ने पूरे मेले के आयोजन पर ही सवाल खड़ा कर दिया है।
शनिवार को ये झूला उसपर बैठे लोगो के लिए मौत का झूला उस समय बन गया ज़ब तकनीकी खराबी के कारण चलते चलते धाराशाई हो गया, झूले पर बैठे कुछ लोग तो धड़ाम से ज़मीन पर आ गिरे तो कुछ लोग झूले में ही फंस गए, घटना सा सबसे दुःखद पहलु तो ये रहा की व्यवस्था में लगे निरीक्षक जगदीश प्रसाद जो घायलों को निकालने में जुटे थे उनकी इस हादसे में मौत हो गईं।
बताया जाता है प्रशासन प्रतिदिन मेले का निरिक्षण कर प्रतिदिन मेला संचालन की अनुमति देता था लेकिन फिर भी ऐसी बड़ी घटना के घट जाने से पूरी प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
