गोण्डा। एएलएस एम्बुलेंस कर्मचारियों ने सोमवार को एम्बुलेंस का चक्का जाम कर सरकार तक अपनी आवाज पहुचाने के लिए सेवा ठप्प कर दी। दर्जनों एम्बुलेंस के साथ सैकड़ों कर्मचारियों ने चौपाल सागर के पास जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले एकत्रित हुए ये कर्मचारी स्थाई रूप से सेवा में बने रहने की मांग पिछले कई साल से कर रहे हैं।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान प्रसाद पांडेय का कहना है कि सरकार को चाहिए कि तत्काल सभी कर्मचारियों की परेशानियों का निवारण करे यदि ऐसा न किया गया तो सम्पूर्ण प्रदेश में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने मांग की है की एम्बुलेंस कंपनी बदलने पर कर्मचारियों को न बदला जाए तथा अनुभवी कर्मचारियों को ही सेवा में बनाये रखा जाए। कर्मचारियों को ठेका प्रथा से निजात दिलाई जाए। कोरोना काल मे डयूटी के दौरान मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को बीमा राशि 50,00,000 का भुगतान अविलंब किया जाए, कंपनी बदलने पर कर्मचारी के वेतन में कोई बदलाव न किया जाए।
जब तक सभी एम्बुलेंस कर्मचारियों का एनएचएम के तहत समायोजन नही किया जाता है तब तक उन्हें प्रतिमाह 23000 वेतन मिनिमम वेज 4 घण्टे की ओटी के साथ प्रतिवर्ष मंहगाई भत्ता दिया जाए। कर्मचारियों से बार बार प्रशिक्षण के नाम पर डीडी न जमा कराया जाए सभी पूर्व प्रशिक्षित चालक है इनकी सेवा को स्थायी रखा जाए। सरकार को चाहिए कि हमारी इन मांगों को जल्द से जल्द पूरा करे।
संघ का कहना है कि सभी कर्मचारी सेवा को बंद कर आम जनमानस को परेशान नही करना चाहते लेकिन सरकार के द्वारा अभी तक कोई ठोस कार्यवाही न किये जाने के कारण वह हड़ताल करने को बाध्य है जिसकी जिम्मेदारी सरकार की है।