एक पख़वाड़े में ६ हिन्दुओं की हो चुकी है हत्या, जिहादियों को मिल रहा यूनुस सरकार का समर्थन
बांग्लादेश। जिस देश को पाकिस्तानी सेना के जघन्य अत्याचारों से बचाकर सम्मान जनक जीवन प्रदान करने के लिए भारत के जवानों ने अपने जान की आहुति दी थी वहीं देश आज उन उपकारों को भूलकर एक तरफ अपने उसी दुश्मन पाकिस्तान की गोद में बैठता दिखाई दे रहा है तो वहीं दूसरी ओर अपने संरक्षक देश भारत को आंख दिखाने के साथ बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यक हिन्दुओं का निरंतर कत्लेआम कर रहा है, पिछले १८ दिनों में वहां ६ हिन्दुओं की निर्मम हत्या की जा चुकी है।

बताते चले की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटाने और मो यूनुस को आतंरिम प्रधानमंत्री का पद सँभालने के बाद बांग्लादेश की सत्ता पर कट्टरपंथी जिहादियों का कब्ज़ा हो गया जिसकी परिणीति वहां के अल्पसंख्यक हिन्दुओं की निर्मम हत्याओं के रूप में सामने आया।

हालांकि विभाजन के समय और उसके बाद भी पाकिस्तान सहित बांग्लादेश में हिन्दुओं का कत्लेआम किया गया लेकिन यूनुस सरकार के सत्ता पर बैठते ही जिहादियों को पूरी छूट मिल गईं जो पिछले १८ दिनों में ६ हिन्दुओं की हत्या से प्रमाणित हो रही है, हद तो सोमवार को हो गईं ज़ब एक ही दिन दो हिन्दुओं की हत्या कर दी गईं।

मिल रही जानकारी के अनुसार सोमवार को ही व्यवसाई शरत चक्रवर्ती सहित पत्रकार राणा प्रताप वैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गईं, बताया जा रहा है की शरत की हत्या उस समय की गईं ज़ब वह अपने दुकान पर बैठे थे, उपजिला पलाश के चारसिंदूर स्थित अपने किराने के दुकान पर बैठे शरत पर उस समय हमला किया गया ज़ब वे अपने ग्राहकों से लेनदेन कर रहे थे, पडोसी व्य परिजन उन्हें लेकर अस्पताल भागे लेकिन रास्ते में ही शरत की मृत्यु हो गईं।

वहीं सोमवार को ही इसी तरह की दूसरी घटना युवा पत्रकार राणा प्रताप वैरागी के साथ उस समय घटी ज़ब वे अपने आइस फैक्ट्री में काम कर रहे थे, बताया जाता है जिहादियों ने उन्हें उनके फैक्ट्री से उन्हें बुलाया और गोली मार दी, इतना ही नहीं जिहादियों ने उनको गोली मारने के बाद उनका गला भी रेता, जानकारी के अनुसार राणा फैक्ट्री मलिक होने के साथ बी डी न्यूज़ के कार्यकारी संपादक भी थे।

लगातार हो रही हिन्दुओं की हत्या को देखने के बाद भी भारत सरकार का खामोश रवैया उनके ही दावों पर सवाल पैदा कर रहा है, अभीतक किसी तरह की कोई भी कार्यवाई न करना भारतीय जनता और भारत के हिन्दुओं को आक्रोषित कर रहा है, भारत सरकार का ये रवैया तब है ज़ब देश के कोने कोने में इन हत्याओं के विरोध में जबरदस्त धरना प्रदर्शन और सरकार को ज्ञापन भेजें जा चुके हैं, आशंका तो ये है की यदि इस आग ने भारत के हिन्दुओं के अंदर की आग को भड़का दिया और घटनाओं का प्रतिउत्तर भारत के अंदर दिया जाने लगा तो क्या स्थिति बनेगी, उन स्थितियों दे बचने के लिए भारत की मोदी सरकार को अविलम्ब किसी ठोस कार्यवाई करने के साथ उसे जनता के बीच रखना अति आवश्यक है।

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