उत्तर प्रदेश लाइफस्टाइल

स्वामी विवेकानंद जयंती, पुष्प अर्पण के किया गया नमन

Written by Reena Tripathi

राष्ट्रीय सनातन संघ की संगोष्ठी एवं पदयात्रा

अध्यक्ष दिनेश चंद्र खरे के नेतृत्व में 12 जनवरी को होगा भव्य आयोजन

लखनऊ। श्री कृष्ण दत्त अकैडमी वृंदावन में आयोजित कार्यक्रम में सर्वजन हिताय संरक्षण समिति से रीना त्रिपाठी ने उपस्थित हुए पुष्प अर्पित किए तथा बच्चों को बताया कि स्वामी विवेकानंद के विचार युवा पीढ़ी के लिए आज भी मार्गदर्शक हैं बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। विवेकानंद कहते थे”तुम मुझे 100 ऊर्जावान युवा दो, मैं सारा विश्व बदल दूंगा।”

 

जैसे विचारों के माध्यम से स्वामी विवेकानंद चाहते थे कि युवा ही राष्ट्र का भविष्य हैं और युवा जागरुक बने विज्ञान प्रौद्योगिकी के युग में युवाओं की जागरूकता ही नया मार्गदर्शन करेगी। शिक्षा को वे केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और मानव सेवा से जोड़ते थे।

 

आज का युवा प्रतिस्पर्धा, सोशल मीडिया, मानसिक तनाव और भविष्य की अनिश्चितता से जूझ रहा है। स्वामी विवेकानंद कहते हैं — “शरीर में बल, मन में साहस और आत्मा में विश्वास रखो।” वे हमें सिखाते हैं कि असफलता से डरना नहीं चाहिए, बल्कि हर चुनौती को अवसर में बदलना चाहिए।स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं थे, वे एक क्रांतिकारी विचारक, युवा प्रेरक और भारत के गौरव थे।
1893, शिकागो। विश्व धर्म संसद। हजारों लोग मौजूद। अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि बोल रहे थे।

 

“Sisters and Brothers of America…”जैसे संवेदनशील उद्बोधन से पूरे सभागार में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी जो जहां खड़ा था वही स्तब्ध हो गया। कई मिनट तक तालियाँ नहीं रुकीं, और जिसे 2 मिनट का समय मिला था उसने अपने संयोजन से सबको गीता के साथ से जोड़ते हुए भारतीय आध्यात्मिक की शक्ति के दर्शन कराए।उस एक आत्मीय वाक्य ने पश्चिमी दुनिया को बताया कि भारत सिर्फ़ गरीबी और अंधविश्वास का देश नहीं, बल्कि सहिष्णुता, ज्ञान और आध्यात्मिकता का अनंत स्रोत है। गीता का ज्ञान जो सभी धर्म के आधारशिला है युवाओं के जीवन में आने वाली उन हर समस्याओं को समाधान लेकर उपस्थित है।

 

भारत सिर्फ़ गरीबी और अंधविश्वास का देश नहीं, बल्कि सहिष्णुता, ज्ञान और आध्यात्मिकता का अनंत स्रोत है। आज विश्व में सबसे ज्यादा युवा आबादी वाला देश भारत भले ही कई प्रकार की समस्याओं से जूझ रहा हो फिर भी इसकी पावन भूमि ने सदा ही कीर्तिमान स्थापित किए हैं और उसी के तहत भारत मां के सपूत जिन्होंने 39 वर्ष की छोटी आयु में जो कार्य किया, वह सदियों तक पूरे विश्व में प्रेरणा देता रहेगा।

 

आइए, उनकी जयंती पर संकल्प लें — हम भी अपने अंदर छिपी शक्ति को जागृत करें, समाज की सेवा करें और भारत को विश्व गुरु बनाने में योगदान दें।

वरिष्ट शिक्षिका श्वेता दीक्षित और समस्त स्टाफ ने अपने विचार रखें और पुष्प समर्पित किए।

इसी क्रम में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में विवेकानंद एवं महर्षि महेश योगी जयंती के पावन अवसर पर राष्ट्रीय सनातन संघ द्वारा एक भव्य संगोष्ठी एवं पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम संगीत नाट्य अकादमी, गोमती नगर, लखनऊ में प्रातः 10:30 बजे से आयोजित होगा।

कार्यक्रम का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, महापौर सुषमा खर्कवाल, युवा भाजपा नेता नीरज सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्षदगण एवं विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम की जानकारी देने हेतु राष्ट्रीय सनातन संघ के अध्यक्ष दिनेश चंद्र खरे के नेतृत्व में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
यह प्रेस वार्ता रोहित भवन, सप्रू मार्ग, हजरतगंज, लखनऊ संपन्न हुई।
प्रेस वार्ता में वी. के. श्रीवास्तव, विनोद श्रीवास्तव, अनूप श्रीवास्तव, संजीव सक्सेना सहित संघ के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। वक्ताओं ने बताया कि यह आयोजन युवाओं में राष्ट्र, संस्कृति एवं सनातन मूल्यों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

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Reena Tripathi

(Reporter)

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