गोंडा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पारदर्शिता बढ़ाने, डाटा सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा केवल वास्तविक एवं जीवित लाभार्थियों को ही योजना का लाभ दिलाने के उद्देश्य से भारत सरकार ने सभी लाभार्थी किसानों के लिए वार्षिक ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। चालू वर्ष की ई-केवाईसी प्रक्रिया 30 जून 2026 से पहले पूरी करना आवश्यक होगा।
उप कृषि निदेशक गोंडा सन्तोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है। यदि कोई किसान निर्धारित समय तक ई-केवाईसी नहीं कराता है तो उसकी आगामी किस्त अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है।
किसानों की सुविधा के लिए ई-केवाईसी के कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। किसान पीएम किसान मोबाइल एप के माध्यम से घर बैठे फेसियल ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके अलावा निकटतम जन सेवा केंद्र पर बायोमैट्रिक ई-केवाईसी की सुविधा भी उपलब्ध है। कृषि विभाग के न्याय पंचायत एवं विकास खंड स्तर के कर्मचारियों के माध्यम से भी फेसियल ई-केवाईसी कराई जा सकती है।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि वर्ष 2019 से पात्र होने के बावजूद योजना का लाभ न प्राप्त कर पाने वाले किसानों के लिए भारत सरकार ने पुनः आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे किसान पोर्टल पर आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि आवेदन के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य होगा।
उन्होंने जनपद के सभी किसानों से अपील की है कि जिन लाभार्थियों ने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच ई-केवाईसी नहीं कराई है, वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना 30 जून 2026 से पहले अपनी ई-केवाईसी एवं फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण करा लें, ताकि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आगामी किस्त प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
