23,522 स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल की गोली
एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को मिलेगा लाभ
गोंडा। देवीपाटन मंडल के विद्यालयों में 10 अगस्त को बच्चों की दिनचर्या कुछ अलग होगी। प्रार्थना के बाद बच्चे अपनी कक्षाओं में बैठेंगे और शिक्षक ब्लैकबोर्ड पर लिखेंगे—”राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस”। स्वास्थ्यकर्मी और आशा कार्यकर्ता बताएंगे कि एल्बेंडाजोल की यह छोटी-सी गोली केवल कृमि संक्रमण से बचाव के लिए नहीं, बल्कि पोषक तत्वों का पूरा लाभ दिलाने, एनीमिया का जोखिम घटाने और स्वस्थ विकास में मदद करने का माध्यम है। बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर व गोंडा में एक से 19 वर्ष के करीब 52.15 लाख बच्चों व किशोर-किशोरियों को यह गोली खिलाई जाएगी।
इंचार्ज अपर निदेशक (देवीपाटन मंडल) एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतलाल पटेल के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य सभी पात्र बच्चों तक पहुंचना है, चाहे वे स्कूल जाते हों या नहीं। इसके लिए 10,864 आशा कार्यकर्ताओं, 9,779 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, शिक्षकों व स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। फरवरी 2026 के अभियान में 91-97 प्रतिशत कवरेज मिला था, इस बार शत-प्रतिशत लक्ष्य है।

गंदगी और दूषित भोजन बनते हैं संक्रमण की वजह-
मंडलीय प्रबंधक (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) राहुल पटेल के अनुसार, कृमि आंत में रहकर पोषक तत्वों को नुकसान पहुंचाते हैं। खुले में शौच, गंदे हाथों व दूषित पानी-भोजन से बच्चे आसानी से चपेट में आते हैं। मंडल के 13,751 विद्यालयों और 9,771 आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा खिलाई जाएगी; छूटे बच्चों को 14 अगस्त को मॉप-अप दिवस पर खुराक मिलेगी। गोली चबाकर खानी चाहिए, छोटे बच्चों को जरूरत पर कुचलकर दी जा सकती है।
किशोरियों के लिए खास फायदेमंद, सुरक्षित मातृत्व की बनेगी नींव-
जिला सलाहकार (राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम) रंजीत कुमार के अनुसार, गंभीर संक्रमण से दस्त, पेट दर्द, उल्टी, एनीमिया, कुपोषण व कमजोरी हो सकती है। लक्षण अक्सर नजर नहीं आते, इसलिए साल में दो बार खुराक जरूरी है। इससे पोषण, रोग प्रतिरोधक क्षमता व शारीरिक-मानसिक विकास सुधरता है। किशोरियों के लिए यह खासतौर पर लाभकारी है, क्योंकि बेहतर पोषण सुरक्षित मातृत्व की नींव तैयार करता है।
कृमि संक्रमण से बचाव के आसान उपाय-
नाखून साफ-छोटे रखें, साफ पानी पिएं, भोजन ढककर रखें, फल-सब्जियां धोकर खाएं, खाने से पहले व शौच के बाद हाथ धोएं, घर-आसपास सफाई रखें, चप्पल-जूते पहनें और खुले में शौच से बचें।
