अपराध उत्तर प्रदेश गोंडा स्वास्थ्य

ज़िला अस्पताल के ब्लड बैंक से चल रहा था लाल खून का काला कारोबार

आठ गिरफ्तार अन्य की तलाश जारी

आरोपियों के पास से 253 फर्जी ब्लड बैंक कार्ड, 10 डिस्पोजल सिरिंज, 09 मोबाइल फोन भी बरामद

गोंडा। जिले में वर्षों से चल रहे “खून” के खूनी “काले-कारोबार” का रविवार 12जुलाई को खुलासा करते हुए नगर कोतवाली पुलिस ने इस गोरख धंधे से जुड़े गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 253 फर्जी ब्लड बैंक कार्ड, 10 डिस्पोजल सिरिंज, 09 मोबाइल फोन बरामद कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार इस अंतर्जनपदीय गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश अभी जारी है। पुलिस ने गिरफ्तार सभी आरोपियों को आवश्यक कार्यवाही के बाद जेल रवाना कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल,के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण में क्षेत्राधिकारी सदर योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में नगर कोतवाली पुलिस ने कार्यवाही करते हुए ” खून” के ” खूनी खेल” का भांडाफोड़ करते हुए 08 लोगों को गिरफ्तार कर यह बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस के अनुसार इस खेल मेंy शामिल अन्य सदस्यों की तलाश अभी जारी है जल्द ही अन्य गिरफ्तारियां संभव है।

एक्सपायर खून के विवाद, बच्ची की मौत पर दर्ज हुआ था नगर कोतवाली में मुकदमा

कोतवाली नगर पुलिस के अनुसार वादी वली मोहम्मद पुत्र मोहब्बत अली निवासी ग्राम परसा थाना खरगूपुर के द्वारा लिखित तहरीर दी गई थी कि दिनांक 04/07/26 को उनकी पत्नी अस्पताल में भर्ती थी जिसे खून की आवश्यकता थी। जिसपर वादी खून के लिए परेशान था। अस्पताल के बाहर एक व्यक्ति के द्वारा 12,500 में खून उपलब्ध कराया गया। जांच में डॉक्टरों ने खून को संदिग्ध पाया और चढ़ाने से इनकार कर दिया। इस बात से परेशान वली मोहम्मद ने खून वापस कर अपने पैसे की मांग की, लेकिन उन्हें न ही दोबारा खून प्राप्त हुआ और न ही पैसे। नगर पुलिस ने इस मामले में मुकदमा अपराध संख्या 651/2026 318(4) 125,366(3) 338,340(2) 3(5) 61(2)a बीएनएस व 18/27 कॉस्मेटिक एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस के सामने एक नया गंभीर मामला आया जिसमें अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मां ने बताया कि इसी तरह उसकी बीमार बेटी के लिए भी खून उसे खरीद कर दिलाया गया था लेकिन खून एक्सपायर (कालातीत)होने के कारण उसकी बेटी को जब चढ़ाया गया तो उसकी मृत्यु हो गई। नगर कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर पर दर्ज किए गए दूसरे मुकदमे में अपराध संख्या 655/2026 धारा 106(1) 308(2) 318(4) 125 बीएनएस के इस मामले में भी आरोपियों के खिलाफ गहनता से जांच शुरू कर दी गई। इनपुट मिलने पर नगर पुलिस ने आरोपियों को चांदमारी पुलिया घोसियाना से गिरफ्तार कर लिया।

 पुलिस ने इन्हें किया गिरफ्तार

मुख्तार पुत्र जाफर निवासी साहब गंज बड़गांव कोतवाली नगर, शिवम शुक्ला पुत्र उदयभान शुक्ला निवासी बाबा गंज थाना धानेपुर, विजय पुत्र तिलकराम निवासी गरीबी पुरवा मौजा बूढ़ा देवर चौकी सोनी गुमटी कोतवाली नगर,साहिबे आलम पुत्र मुन्ना निवासी इमामबाड़ा चौकी महाराज गंज कोतवाली नगर, ऋषिकेश अवस्थी पुत्र अमरीश कुमार अवस्थी निवासी पैड़ी अजब सिंह कोतवाली देहात, बृजेश कुमार शुक्ला पुत्र जमुना प्रसाद निवासी पंपापुर मुंडेरवा कला कोतवाली देहात, अभिषेक सिंह पुत्र जगदीश निवासी आदर्श कालोनी कोतवाली देहात बलरामपुर, सौरभ श्रीवास्तव पुत्र राकेश श्रीवास्तव बभनी कानूनगो कोतवाली नगर को पुलिस ने गिरफ्तार कर इन्हें जेल भेज दिया है।

पुलिस अधीक्षक कहना है कि सौरभ श्रीवास्तव व अभिषेक सिंह दोनों जिला चिकित्सालय में कार्यरत हैं और यही के कर्मचारी है।इनमें सौरभ श्रीवास्तव ब्लड बैंक में ही कार्यरत रहते हुए अंदर से ही खून का कला कारोबार करता था मुख्य रूप से ये दोनों ही इस गिरोह का संचालन कर रहे थे, जिसकी पुलिस को काफी समय से तलाश थी। इनके द्वारा पूंछ-ताछ में अन्य कई सदस्यों के बारे में पुलिस को जानकारी प्राप्त हुई है शीघ्र ही इस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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अशफ़ाक़ शाह

(संवाददाता)

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