गोंडा। अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य निषेध एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), गोंडा में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (DMHP), गोंडा द्वारा एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में जिला मानसिक स्वास्थ्य टीम के द्वारा मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। वक्ताओं ने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार एवं पारिवारिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है तथा इससे बचाव के लिए जागरूकता, परामर्श एवं समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को नशा विरोधी शपथ दिलाई गई तथा उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने एवं अपने साथियों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। कार्यशाला के दौरान मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी साझा की गई तथा विद्यार्थियों को बताया गया कि मानसिक तनाव, अवसाद, नशे की समस्या अथवा अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 एवं 1-800-891-4416 पर 24×7 निःशुल्क परामर्श उपलब्ध है तथा “नशे से संबंधित किसी भी सहायता के लिए राष्ट्रीय नशा मुक्ति हेल्पलाइन 14446 तथा तंबाकू छोड़ने के लिए 1800-11-2356 पर संपर्क किया जा सकता है।”
कार्यक्रम में आईटीआई के प्रधानाचार्य, प्रशिक्षकगण, जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम तथा छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की व रैली भी निकाली गयी । उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
