(अतुल श्रीवास्तव)
गोंडा। प्राप्त विवरण के अनुसार मामला जनपद का है आवास विकास निवासी शांतनु उपाध्याय द्वारा 2021 में एक प्रार्थना पत्र देकर प्रशांत दुबे ,अभिषेक दुबे व मधुबाला समेत अन्य लोगों पर अपनी बहन पुनीता की हत्या का लगाया था आरोप जिस मामले मे हत्या,दहेज उत्पीड़न से सम्बंधित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोपी प्रशांत दुबे निवासी पूरे शिवा बख्तावर कोतवाली नगर विगत पांच वर्ष से जिला कारागार मे बंद थे। ससुरालियों द्वारा पत्नी पुनीता उपाध्याय की हत्या के आरोप में दर्ज मु0 अप0 संख्या 308 / 2021 में धारा 498 ए 120 बी 302व 3/4 आईपीसी के तहत कोतवाली नगर दर्ज वाद के मामले में तमाम साक्ष्य ,गवाह व तर्कों के आधार पर वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता शमीम अतहर उनके सहयोगी विवेक श्रीवास्तव, मारिया खातून, मुंशी के0के0 शुक्ला के अथक प्रयास व मेहनत के परिणाम स्वरूप एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज एफ0टी0सी0_2 ने प्रशांत दुबे को आदेश दिनांक 20जून 2026 को कर दिया दोषमुक्त।जिसकी सूचना मिलते ही प्रशांत दुबे व उनके परिजन खुशी मनाते हुए एक दूसरे को दी ढेरों शुभकामनाएं जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता शमीम व उनके सहयोगियों ने भी एक दूसरे को मिठाईयां खिलाकर दी शुभकामनाएं । उक्त मामले में प्रशांत दुबे द्वारा कहा गया कि मेरे अधिवक्ता शमीम अतहर व उनकी पूरी टीम की कड़ी मेहनत व मां भगवती का आशीर्वाद था कि मैं व मेरा परिवार जनपद की अदालत से हुए रिहा।
