गोण्डा। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के मार्ग दर्शन, भारतीय शिक्षा समिति उ0 प्र0 द्वारा संचालित स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर, मालवीय नगर में संकुल गोण्डा में चार दिवसीय आचार्य विकास वर्ग का उद्घाटन सम्पन्न हुआ। उद्घाटन सत्र में भारतीय शिक्षा समिति के मंत्री डा0 महेन्द्र कुमार एवं प्रान्त प्रशिक्षण प्रमुख सुरेश कुमार सिंह की विशिष्ट उपस्थिति रही।

आचार्य विकास वर्ग में देवी पाटन मण्डल के चारों जिले से लगभग दो सौ प्रशिक्षार्थी शिक्षक प्रतिभाग कर रहें हैं। उद्घाटन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि डा0 महेन्द्र कुमार ने आचार्य के दायित्व और गुणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आचार्य केवल शिक्षा देने वाला नहीं अपितु समाज का नेतृत्व करने वाला होता है वह अपने संस्कारों, सद्गुणों और आदर्श आचरण से समाज को संस्कारित बनाने का कार्य करता है, आचार्य को केवल विषय ज्ञान नहीं बल्कि आदर्श जीवन का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। प्रान्तीय प्रशिक्षण प्रमुख सुरेश कुमार सिंह ने कहा आचार्य विद्यार्थियों में राष्ट्रहित, समाजहित एवं देशभक्ति की भावना का विकास करता है तथा उन्हें अपसंस्कृति से दूर रखने का प्रयास करता है। द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र में डा0 रंजन शर्मा ने अपना वकतव्य देते हुये कहा कि आज विश्व अनेक शक्तियां अपने परिवारिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहीं हैं। लेकिन भारतीय समाज सर्वे भवन्तु सुखिनः के आदर्श में विश्वास रखता है। आचार्य विकास वर्ग में प्रमुख रूप से मण्डल के चारों जनपदों से विद्या भारती द्वारा संचालित विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं लगभग 200 की संख्या में आचार्य/आचार्या प्रशिक्षण प्राप्त कर रहें है।

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