घटना से बेखबर थाने की पुलिस बता रही मारपीट का मामला
शीलभंग के साथ पहने हुए आभूषण पर भी बलात्कारी ने किया हाथ साफ
उमरीबेगम गंज (गोण्डा)। क़ानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते हुए अपने दूधमुहे बच्चे के साथ जिले के पुलिस मुखिया कार्यालय का चक्कर लगाए हुए बलात्कार पीड़िता प्रशासन सहित शासन को भी आईना दिखा रही है, हद तो तब हो जाती है ज़ब पीड़ित को न्याय दिलाने की जगह स्थानीय राजनेता सहित पुलिस उस पर उल्टे सुलह का दबाव बनाते दिख रहे हैं।
हैरान करने वाली ये घटना जिले के थाना उमरीबेगम गंज के ग्राम पूरे नौशहरा की है, पीड़िता के अनुसार घटना विगत ३०जून की रात्रि ११ बजे की है, काम के सिलसिले में घर से बाहर गए पति की अनुपस्थिति में अपने दूधमुहे बच्चे के साथ अकेले देखकर गाँव के ही दबंग महावीर यादव पुत्र श्रीरान यादव और अमरेश यादव पुत्र मंशाराम यादव पीड़िता के घर में घुस आएं और महावीर ने उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला।
महावीर के इस कुकृत्य के समय अमरेश पहरेदारी करता रहा यही नहीं जाते जाते महावीर ने पीड़िता के गले में पड़ा सोने के मटरमाला और नाक की कील भी निकाल ले गए, आरोपियों ने पीड़िता को जाते जाते धमकी भी दी की यदि किसी को बताया तो जान से हाथ धोना पड़ेगा।
पीड़िता ने पति के साथ जाकर घटना से थाने को अवगत कराया लेकिन थाने की पुलिस ने अपना परिचित रवैया अपनाते हुए अपना हाथ बंद ही रखा, विवश होकर पीड़िता ने २ जुलाई को पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई लेकिन यहाँ से भी उसे निराशा हाथ लगी, न्याय की आशा में पीड़िता मे ने एक बार पुनः पुलिस अधीक्षक से ६ जुलाई को फरियाद की है देखना है क्या अब पुलिस मुखिया पपीड़िता को न्याय दिलाते है या पूर्व की तरह खामोश ही रहते हैं।
प्रकरण में सबसे चौकाने वाली बात तो थाना उमरी प्रभारी के अवकाश पर होने के कारण अपराध निरीक्षक ने बताया, उन्होंने तो घटना से ही पूरी तरह अनभिज्ञता जाहिर करते हुए बताया की बलात्कार नहीं बल्कि मारपीट की घटना हुई थी।
अब ये आसानी से समझा जा सकता है की जो पुलिस दुष्कर्म की घटना को मारपीट बता रही हो वो बलात्कार पीड़िता को कितना और कैसा न्याय दे पायेगी।
