गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोंडा के विज्ञान परिसर में “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस” के अवसर पर एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्ष 1947 के भारत विभाजन के दौरान उत्पन्न मानवीय त्रासदी, विस्थापन, पीड़ा एवं संघर्ष को स्मरण करना तथा युवा पीढ़ी को इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय से अवगत कराना रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी प्राचार्य प्रोफेसर जितेन्द्र सिंह ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा विभाजन विभीषिका की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि तथा उसके व्यापक सामाजिक एवं मानवीय प्रभावों को समझते हुए विद्यार्थियों को इतिहास से सीख लेने तथा सामाजिक एकता, सद्भाव एवं मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करने का संकल्प लेना चाहिए। मुख्य निर्माता प्रोफेसर अमन चंद्रा ,जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अरविंद शर्मा, बी. एड. विभाग की डॉ. चमन कौर ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा विभाजन केवल भौगोलिक सीमाओं का पुनर्निर्धारण नहीं था बल्कि इसके साथ लाखों लोगों का विस्थापन, परिवारों का बिछोह और असंख्य मानवीय पीड़ाओं का इतिहास जुड़ा है ऐसे आयोजनों का उद्देश्य अतीत की पीड़ा को स्मरण करते हुए वर्तमान और भविष्य के लिए एकता, सौहार्द एवं मानवता का संदेश ग्रहण करना राष्ट्र की सच्ची सेवा है। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन करते हुए समारोह समिति की सह-संयोजक डॉ. रेखा शर्मा ने कहा इतिहास को स्मरण करने का उद्देश्य केवल अतीत की पीड़ा को दोहराना नहीं बल्कि उससे सीख लेकर वर्तमान को अधिक संवेदनशील और भविष्य को अधिक सुरक्षित बनाना है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के डॉ. मनोज मिश्रा, डॉ. अमित शुक्ला, डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव, कृष्ण मोहन त्रिपाठी, ड्रिंकल यादव ,श्री अमित दुबे का सहयोग सराहनीय रहा l

उक्त अवसर पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने “विभाजन विभीषिका” विषय पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, सामाजिक विघटन, मानवीय पीड़ा तथा उससे प्राप्त ऐतिहासिक सीख को अपने वक्तव्यों के माध्यम से सामने रखा भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. मनोज मिश्रा, कृष्ण मोहन त्रिपाठी एवं ड्रिंकल यादव रहे। भाषण प्रतियोगिता में अनामिका पटेल, अनूपा यादव एवं शिव प्रताप क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे l
