उत्तर प्रदेश गोंडा धर्म

भगवान परशुराम प्राक्टोत्सव, शोभा यात्राओं और संगोष्ठी की प्रदेश भर में रही धूम

Written by Vaarta Desk

वाराणसी/ गोण्डा। बैशाख शुक्ल पक्ष की पावन अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर भगवान परशुराम प्राकट्योत्सव के अंतर्गत काशी नगरी में “भगवान परशुराम शोभा यात्रा” का अत्यंत भव्य एवं दिव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन ब्रह्म राष्ट्र एकम् विश्व महासंघ न्यास के तत्वाधान में तथा सेंटर ऑफ सनातन रिसर्च, विश्व हिंदू महासभा एवं धरोहर सेवा संस्थान के सहयोग से सम्पन्न हुआ।

प्रातः काल बी.एच.यू. सिंह द्वार स्थित महामना मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। राम जन्म योगी जी की शंख ध्वनि के साथ प्रारंभ हुई यह शोभा यात्रा सिंह द्वार से निकलकर रविदास गेट, 80 थाना होते हुए सामने घाट स्थित श्रीकुल पीठ धाम के श्री रामेश्वर मनोकामना महादेव मंदिर में आशीर्वाद के साथ सम्पन्न हुई।

शोभा यात्रा में घोड़ा-बग्घी, बैंड-बाजे, भक्ति संगीत एवं डीजे की धुनों के साथ एक अलौकिक एवं उत्सवमय वातावरण निर्मित हुआ। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इसे जनसैलाब का रूप दे दिया, जो सनातन एकता और आस्था का अद्भुत उदाहरण बना। बग्घी पर विराजमान 1008 डॉ. सचिन्द्रनाथ महाराज (श्रीकुल पीठाधीश्वर, संस्थापक अध्यक्ष – ब्रह्म राष्ट्र एकम्) के साथ संस्था के संरक्षक व न्यासी पंडित सतीश चंद्र मिश्रा, न्यासी पंडित रविन्द्रनाथ मिश्रा, केदार मंदिर के अर्चक, श्रृंगेरी मठ के अन्नपूर्णा शास्त्री, पुनीत जेटली उर्फ पागल बाबा एवं विशालाक्षी मंदिर के महंत तिवारी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।

मातृशक्ति के रूप में बाबा कीनाराम की वंशज एवं अंतरराष्ट्रीय योगसिद्ध गुरु मां चेतना अपने महिला समूह के साथ शोभा यात्रा में सम्मिलित हुईं, जिससे कार्यक्रम में शक्ति एवं संस्कार का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। इस अवसर पर धीरेंद्र पांडे, प्रेम दीक्षित, एस.एन. उपाध्याय, गुड्डू सिंह, जयदीप शुक्ला, ज्योतिषाचार्य प्रकाश मिश्रा, आदित्य मिश्रा, राकेश पांडे, शिवदत्त द्विवेदी, विनीत त्रिपाठी, डॉ. के.एन. पांडे, विद्यासागर पांडे, राम प्रकाश दुबे, आकाश पांडेय, कृष्णानंद पांडे, संजय श्रीवास्तव, विकास बरनवाल, कुशाग्र मिश्रा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के सफल संचालन एवं व्यवस्था में शिवदत्त द्विवेदी सहित स्वयंसेवकों के साथ संतोष कश्यप, अजय पटेल, अरविंद, राकेश गुप्ता, राजू राजभर, कमलेश शुक्ला आदि का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा। यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पेयजल एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई, जो सेवा, समर्पण और सनातन संस्कारों का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है।

अंत में श्रीकुल पीठाधीश्वर पूज्य महाराजश्री ने अपने उद्बोधन में भगवान परशुराम के जीवन, उनके धर्म-संरक्षण के संकल्प और आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए समाज को एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “जब-जब धर्म की हानि होगी, तब-तब प्रभु इस धरती पर अवतरित होकर धर्म की रक्षा करेंगे। भगवान परशुराम आज भी हमारे अस्तित्व में विद्यमान हैं और कल्कि अवतार तक सनातन धर्म की रक्षा करते रहेंगे।”

महाराजश्री ने इस सफल आयोजन हेतु पुलिस प्रशासन, मीडिया बंधुओं एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया और सभी सनातन प्रेमियों को एकता एवं धर्म जागरण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

इसी क्रम में अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम की जयंती पर सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवन में समाज के समक्ष चुनौतियां एवं समाधान विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। परशुराम जयंती समारोह समिति के संयोजक व उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुरेन्द्र मिश्र ‘सूर्य’ ने संगोष्ठी में विषय प्रवर्तन करते हुए कहा भगवान परशुराम ने सनातन धर्म के सर्वप्रथम ऐसे क्रांतिकारी थे जिन्होंने दुष्टों का संहार कर शोषण मुक्त समाज की संरचना का संदेश दिया।

वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार आर. जे. शुक्ल ‘यदुराय’ की अध्यक्षता में आयोजित संगोष्ठी को नील ठाकुर, गौरीशंकर चतुर्वेदी, अजय विक्रम सिंह एड., कविवर विनय शुक्ल ‘अक्षत’ सिद्धार्थ शुक्ल, अभिषेक दूबे, अश्वनी तिवारी, आचार्य गंगानाथ शुक्ल, अजय कुमार मिश्रा ‘अज्जू’ आदि वक्ताओं ने समाज में एकता एवं समाज को सशक्त बनाने के लिए शस्त्र व शास्त्र दोनों में पारंगत होने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस मौके पर प्रवीण मिश्रा, रामानन्द, सुरेन्द्र तिवारी, विनोद तिवारी, कृष्ण कुमार तिवारी, रुद्र करुणा सिंध मिश्र मनोज मिश्रा रुद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।

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