गोंडा। जिले में पिछले 48 घंटों से हो रही लगातार बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। चक्रवात अर्नब के असर से हो रही इस बेमौसम बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है, वहीं शहर से लेकर गांव तक जलभराव और बिजली कटौती की समस्या खड़ी हो गई है। मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
उखड़े पेड़, आवागमन बाधित
गोण्डा जनपद के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश के कारण बड़े बड़े पेड़ सड़क पर गिर कर आवागमन को बाधित कर चुके हैं
परसपुर बालपुर मार्ग पर इंडिया इंडियन स्कूल के निकट सड़क पर पेड़ गिर गया था जिसके कारण रोड वेज बस को गोण्डा वापस लौटना पड़ा,तमाम गाड़ियां वापस हुईं।
किसानों पर सबसे बड़ी मार
गोंडा कृषि प्रधान जिला है। यहां इस समय धान की फसल पकने की कगार पर थी। तेज हवाओं के कारण जिले के करनलगंज, तरबगंज, मनकापुर और वजीरगंज तहसील में करीब 35 प्रतिशत धान की फसल जमीन पर गिर गई है। खेतों में 2 से 3 फीट पानी भर गया है, जिससे फसल सड़ने का खतरा पैदा हो गया है। किसान रामकिशोर वर्मा ने बताया कि पिछले हफ्ते की बारिश से ही फसल गिरी थी, अब फिर से आंधी ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, वे 72 घंटे के अंदर सूचना दें।
शहर में जलभराव और जाम
गोंडा शहर के मालवीय नगर, आवास विकास, रानी बाजार इलाके में घुटने भर पानी भर गया है। नालियां चोक होने से पानी घरों में घुस गया। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और ऑफिस जाने वालों को भारी परेशानी हुई। गोंडा-लखनऊ हाईवे पर मनकापुर के पास पेड़ गिरने से 2 घंटे तक जाम लगा रहा। नगर पालिका की टीमें पानी निकालने में लगी हैं, लेकिन लगातार बारिश से राहत नहीं मिल रही।
बिजली व्यवस्था ध्वस्त
तेज आंधी के चलते जिले के 100 से ज्यादा गांवों में बिजली गुल है। करनलगंज के 40 गांवों में कल रात से ही बिजली नहीं है। कई जगहों पर बिजली के खंभे और तार टूट गए हैं। बिजली विभाग के एसडीओ ने बताया कि 15 टीमें बनाकर मरम्मत का काम चल रहा है, लेकिन तेज हवा के कारण काम में दिक्कत आ रही है। ग्रामीण इलाकों में लोगों को मोबाइल चार्ज करने तक में दिक्कत हो रही है।
प्रशासन अलर्ट पर
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सभी तहसीलदारों और लेखपालों को नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से कटान क्षेत्र के गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है। सीएमओ ने सभी सीएचसी और पीएचसी को अलर्ट पर रखा है, ताकि जलजनित बीमारियों से निपटा जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना जरूरी काम के घर से न निकलें और खुले में लगे बिजली के खंभों से दूर रहें।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिन और भारी बारिश हो सकती है, इसलिए जिले में अभी राहत के आसार नहीं हैं।
हैशटैग: #GondaRain #GondaNews #CycloneArnab #KisanNuksan #SamacharVaarta
