गोण्डा। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर सरस्वती देवी नारी ज्ञानस्थली पी.जी. कॉलेज, गोण्डा के मनोविज्ञान विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में डॉ. सीमा श्रीवास्तव , डॉ. साधना, डॉ. विमला, श्रीमती कंचन तथा शिक्षा विभाग की डॉ. आशु त्रिपाठी उपस्थित रहीं।

शिक्षिकाओं ने मानसिक तनाव, निराशा और आत्मघाती विचारों के चेतावनी-संकेतों पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को अपनी समस्याएँ परिवार, शिक्षक अथवा परामर्शदाता से साझा करने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी गई। विभिन्न परिस्थितियों पर आधारित संवादात्मक सत्र के साथ आवश्यकता के अनुसार व्यक्तिगत एवं गोपनीय परामर्श भी प्रदान किया गया। छात्राओं को आश्वस्त किया गया कि “सहायता माँगना कमजोरी नहीं, बल्कि साहस और समझदारी का प्रतीक है।”
संगोष्ठी में छात्राओं मारिया बानो ,रिया सिंह, अल्फिया शेख, नेहा तिवारी, सत्या, शिवानी पाण्डेय, ईशा श्रीवास्तव, अलीशा, जया तथा आल्फिया खान ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था—“हर जीवन अनमोल है। समय पर संवाद, संवेदना और सहयोग किसी के जीवन में नई आशा जगा सकते हैं।”
