गोंडा में भी सरस्वती शिशु मंदिर, पीजीडीएवी सहित 50+ स्कूलों में गूंजा। जिला प्रशासन ने भी कई स्कूलों में कार्यक्रम कराया।
आज 25 सितंबर 2026, शुक्रवार का दिन भारतीय इतिहास में दर्ज हो गया। देश के राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के मौके पर विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के नेतृत्व में ‘नमामि भारतम्’ अभियान के तहत पूरे देश में एक साथ एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने संपूर्ण वंदे मातरम् का गायन किया। यह आयोजन सुबह ठीक 11 बजे देश के 25 हजार से ज्यादा स्थानों पर हुआ। इस ऐतिहासिक पल को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। आयोजकों के अनुसार यह दुनिया में एक साथ सबसे ज्यादा लोगों द्वारा वंदे मातरम् गाने का पहला रिकॉर्ड है।
वंदे मातरम् का इतिहास 150 साल पुराना है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 7 नवंबर 1875 को अपने उपन्यास आनंदमठ में इसकी रचना की थी। उस समय अंग्रेजों का राज था। इस गीत ने पूरे देश में आजादी की अलख जगा दी। 1896 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने पहली बार इसे गाया। उसके बाद यह हर स्वतंत्रता सेनानी की जुबान पर था। भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, सुभाष चंद्र बोस जब फांसी पर चढ़े तो वंदे मातरम् ही उनके होंठों पर था। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने जन गण मन को राष्ट्रगान और वंदे मातरम् को राष्ट्रगीत का दर्जा दिया।
विद्या भारती ने बताया कि इस कार्यक्रम का नारा ‘एक स्वर-एक संकल्प-एक भारत’ है। इसका उद्देश्य केवल गाना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को वंदे मातरम् की ऐतिहासिक यात्रा, स्वतंत्रता संग्राम में इसके योगदान और इसके राष्ट्रीय महत्व से जोड़ना है। इसके लिए स्कूलों में पिछले एक हफ्ते से प्रदर्शनियां, निबंध प्रतियोगिता, चित्रकला और सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे थे। दिल्ली के 300 स्थानों पर 1 लाख लोगों ने गायन किया, सबसे बड़ा कार्यक्रम पीजीडीएवी कॉलेज मैदान में हुआ।
गोंडा जिले की बात करें तो यहां भी जोश देखते ही बना। जिले के 52 सरस्वती शिशु मंदिरों, 30 सरकारी स्कूलों और कई निजी स्कूलों में सुबह 11 बजे छात्र-छात्राओं, आचार्यों और अभिभावकों ने एक साथ वंदे मातरम् गाया। सरस्वती विद्या मंदिर, गोंडा में 800 छात्रों ने तिरंगे के सामने गायन किया। डीएम कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले के सभी ब्लॉकों में कार्यक्रम सफल रहा। कई जगहों पर स्थानीय लोगों ने भी स्कूलों में पहुंचकर हिस्सा लिया। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि 150 साल बाद भी वंदे मातरम् का जोश कम नहीं हुआ है। यह सिर्फ गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है।
हैशटैग: #VandeMataram #150Years #GondaNews #SamacharVaarta
