मीरा का कमाल, आसपास के कई जिलों से आ रही मांग
गोंडा। जिले के वजीरगंज विकास खंड की रहने वाली मीरा तिवारी ने आज उन महिलाओं के लिए मिसाल पेश की है जो घर की चारदीवारी से निकलकर कुछ बड़ा करना चाहती हैं। मीरा ने कभी नहीं सोचा था कि घर के आंगन में लगे सहजन (मोरिंगा) के पेड़ से वह एक दिन खुद का बिजनेस खड़ा कर देंगी और 10 से 12 महिलाओं को रोजगार देंगी। लेकिन आज उनकी मोरिंगा पाउडर की मांग गोंडा से लेकर अयोध्या तक है।
मीरा तिवारी एक सामान्य किसान परिवार से आती हैं। पहले वह भी घर के कामों तक सीमित थीं। फिर वह गांव के स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह में ट्रेनिंग के दौरान उन्हें बताया गया कि सहजन की पत्तियां सुपरफूड हैं। इसमें दूध से 4 गुना ज्यादा कैल्शियम, केले से 3 गुना ज्यादा पोटैशियम और संतरे से 7 गुना ज्यादा विटामिन सी होता है। शुगर, बीपी, खून की कमी जैसी बीमारियों में यह बहुत फायदेमंद है।
यहीं से मीरा के मन में आइडिया आया। उनके घर के आसपास सैकड़ों सहजन के पेड़ हैं जिनकी पत्तियां बर्बाद हो जाती हैं। उन्होंने यूट्यूब से पाउडर बनाने की विधि सीखी। शुरू में उन्होंने घर की छत पर पत्तियों को सुखाया, हाथ से पीसा और छोटे पाउच में पैक किया। पहले रिश्तेदारों और पड़ोसियों को दिया। लोगों को फायदा दिखा तो मांग बढ़ने लगी।
आज मीरा के पास छोटी मशीन है। वह पत्तियों को धोकर, छांव में सुखाकर, पीसकर 100 ग्राम का पाउडर बनाती हैं और 150 रुपये में बेचती हैं। वह मोरिंगा चाय और बिस्किट भी बनाने लगी हैं। उनकी महीने की कमाई 25 से 30 हजार रुपये तक पहुंच गई है। सबसे बड़ी बात, उनके साथ गांव की 10-12 महिलाएं जुड़ी हैं जो पत्तियां तोड़ने, सुखाने और पैकिंग का काम करती हैं और हर महीने 6-8 हजार रुपये कमाती हैं।
मीरा की सफलता की खबर जब ब्लॉक कार्यालय तक पहुंची तो कृषि विभाग और एनआरएलएम ने उनकी मदद की। उन्हें पैकेजिंग और मार्केटिंग की ट्रेनिंग दी गई। अब उनका प्रोडक्ट गोंडा के लोकल स्टोर के साथ-साथ अयोध्या के आयुर्वेदिक दुकानों में भी बिक रहा है। ऑनलाइन ऑर्डर भी आने लगे हैं।
मीरा कहती हैं, “पहले लोग कहते थे ये पत्तियों का क्या करोगी, अब वही लोग पूछते हैं कैसे बनता है।” वह अन्य महिलाओं को भी ट्रेनिंग दे रही हैं।
गोंडा जैसी जगह जहां रोजगार की कमी है, वहां मीरा की यह कहानी बताती है कि खेती से जुड़े प्रोडक्ट में कितनी बड़ी संभावना है। अगर सरकार और थोड़ी मदद करे तो यह छोटा बिजनेस बड़ा ब्रांड बन सकता है। मीरा का अगला सपना FSSAI लाइसेंस लेकर अपने ब्रांड को पूरे यूपी में बेचने का है।
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